उत्तराखंड: रात में मारी बकरियां, सुबह तक घर के आंगन में बैठा रहा गुलदार..पूरे गांव में दहशत

बकरियों को मारने के बाद गुलदार सुबह तक घर के आंगन में बैठा रहा। घर की मालकिन ने तड़के जब दरवाजा खोला तो गुलदार की दहाड़ सुनकर वो बुरी तरह डर गई। आगे पढ़िए पूरी खबर
Advertisement Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!

Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast

Example Ads Media
Bageshwar News: Leopard killed goats in Bageshwar
Image: Leopard killed goats in Bageshwar

बागेश्वर: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में गुलदार दहशत का सबब बने हुए हैं। कभी जंगल तक सीमित रहने वाले गुलदार अब बेखौफ होकर इंसानी बस्तियों में दाखिल हो रहे हैं। इंसानों पर हमला कर रहे हैं, मवेशियों को अपना निवाला बना रहे हैं। गुलदार के आतंक की खबरों के बीच एक डराने वाली खबर बागेश्वर से आई है। यहां गुलदार ने गांव के बीचोंबीच बनी गोशाला में घुसकर दो बकरियां मार डाली। बात सिर्फ यहीं तक नहीं रही। बकरियों को मारने के बाद गुलदार सुबह तक घर के आंगन में बैठा रहा। घर की मालकिन ने तड़के जब दरवाजा खोला तो गुलदार की दहाड़ सुनकर वो बुरी तरह डर गई। उसने तुरंत किवाड़ बंद कर दिए। बाद में महिला ने शोर मचाकर ग्रामीणों को घटना के बारे में बताया। ग्रामीणों ने हो-हल्ला कर किसी तरह गुलदार को वहां से भगाया। चलिए पूरा मामला बताते हैं। घटना धरमघर क्षेत्र के ढप्टी गांव की है। यहां बकरी पालक पुष्पा देवी अपने परिवार के साथ रहती हैं। शुक्रवार रात पुष्पा देवी और उनका परिवार घर में सो रहा था। तभी गुलदार उनके घर के पास बनी गोशाला में घुस गया। गुलदार ने वहां बंधी दो बकरियां मार डालीं। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - देहरादून में कोरोना वैक्सीन टेस्ट की तैयारियां..सबसे पहले इन्हें मिलेगी वैक्सीन, तैयार हो रहा डेटा
शनिवार सुबह जब पुष्पा देवी की नींद खुली तो उन्होंने घर का दरवाजा खोला, लेकिन घर के आंगन में उन्हें जो दिखाई दिया उसे देख पुष्पा देवी डर से सिहर गईं। किवाड़ खोलते ही गुलदार आंगन में बैठा नजर आया। डरी हुई पुष्पा ने झट से किवाड़ बंद कर दिए। उन्होंने शोर मचाकर दूसरे ग्रामीणों को घटना की सूचना दी। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण कनस्तर बजाने लगे, पटाखे भी फोड़े, तब कहीं जाकर गुलदार वहां से भागा। घटना के बाद से लोग डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि गुलदार छोड़े हुए शिकार को लेने फिर से गांव जरूर आएगा। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा देने को भी कहा। वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर जरूरी मदद देने का आश्वासन भी दिया है।