उत्तराखंड: अमेरिका में बास्केटबॉल खेलेंगे रियांशु नेगी..कभी सेना के लिए खेलते थे पिता और दादा

होनहार बास्केटबॉल प्लेयर रियांशु नेगी यूएसए में होने वाले बास्केटबॉल गेम का हिस्सा बने हैं। जिसके लिए उन्होंने फ्लोरिडा की डीएमई स्पोर्ट्स एकेडमी के साथ करार किया है।
Advertisement जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स

प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails

Example Ads Media
Riyanshu Negi: Riyanshu Negi will play basketball in America
Image: Riyanshu Negi will play basketball in America

देहरादून: उत्तराखंड के होनहार बास्केटबॉल खिलाड़ी रियांशु नेगी ने अपने खेल और लगन की बदौलत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रियांशु जल्द ही यूएसए में बास्केटबॉल खेलते नजर आएंगे। वो यूएसए में होने वाले एक बास्केटबॉल प्रोग्राम का हिस्सा बने हैं। जिसके लिए उन्होंने फ्लोरिडा की डीएमई स्पोर्ट्स एकेडमी के साथ करार किया है। रियांशु नेगी एनबीए एकेडमी इंडिया के चौथे ऐसे पुरुष छात्र हैं, जिन्हें यूएसए में ट्रेनिंग हासिल करने का मौका मिला है। बॉस्केटबॉल प्रोग्राम के तहत उन्होंने यूएसए में ट्रेनिंग के लिए स्कॉलरशिप हासिल की है। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वो यूएसए जाकर ट्रेनिंग ले, अपने खेल को निखारे, लेकिन चंद खुशकिस्मत ही होते हैं, जो इस सपने को पूरा कर पाते हैं। उत्तराखंड के रियांशु भी उन चंद खुशकिस्मत लोगों में से एक हैं।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: 1 महीने पहले शहीद हुए राकेश डोभाल के घर गूंजी किलकारी..बेटे ने लिया जन्म
उनकी इस उपलब्धि ने पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। 18 साल के रियांशु नेगी के पिता और दादा भारतीय सेना के लिए फुटबॉल खेलते थे। इस तरह रियांशु में भी खेलों के प्रति रुचि जगी। परिवारवालों ने उन्हें खेलने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। आम भारतीय युवाओं की तरह शुरुआत में वो भी फुटबॉल और क्रिकेट में करियर बनाने की सोचते थे, लेकिन दोस्तों के सुझाव पर वो बास्केटबॉल खेलने लगे। इसी एक कोशिश से उनके जीवन ने एक नई दिशा ले ली। पहले उन्होंने रुड़की जैसे छोटे शहर से एनबीए एकेडमी तक का सफर तय किया और अब वो स्कॉलरशिप हासिल कर यूएसए में अपने खेल को निखारेंगे। उन्होंने डीएमई स्पोर्ट्स एकेडमी, फ्लोरिडा के साथ अनुबंध किया है।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: गाड़ी पर लगवा लें फास्टैग, वरना टोल पर देना पड़ेगा दोगुना पैसा..जानिए कैसे मिलेगा फास्टैग
रियांशु ने ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए चुने जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ये मौका मेरे लिए बहुत मायने रखता है। एनबीए एकेडमी गेम्स और एशिया पैसेफिक कैंप के दौरान रियांशु चीन और ऑस्ट्रेलिया भी गए थे। उन्होंने एनबीए एकेडमी से ग्रेजुएशन किया है। रियांशु कहते है कि यूएसए में बास्केटबॉल की ट्रेनिंग लेना शानदार अनुभव साबित होने वाला है, क्योंकि ये खेल वहां बहुत लोकप्रिय है। फिलहाल मैं एक खिलाड़ी, एक छात्र और एक इंसान के रूप में खुद के सुधार पर फोकस कर रहा हूं। मेरे पिता और दादा पेशेवर रूप से फुटबॉल खेलते थे। इसलिए वो मुझे हमेशा बेहतर खिलाड़ी बनते देखना चाहते थे। परिवार के समर्थन और मेहनत के दम पर मुझे एनबीए एकेडमी का हिस्सा बनने का मौका मिला। यहां मैंने ना केवल बास्केटबॉल बल्कि अपने शरीर की देखभाल के बारे भी सीखा, जो कि एक खिलाड़ी के लिए बहुत जरूरी है। अब मेरे पास अमेरिका में ट्रेनिंग के लिए 8 महीने का वक्त है, मैं अपने परिजनों, देशवासियों और गुरुजनों को गर्व करने का अवसर देना चाहता हूं।