उत्तराखंड के शहीद सपूत की नम आंखों से विदाई, 4 महीने बाद होना था रिटायर

शहीद को मुखाग्नि उनके पुत्र ने दी। शहीद की अंतिम यात्रा में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय और पूर्व सांसद बलराज पासी ने कंधा दिया।
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Kashipur martyr Mukesh Kumar: Kashipur martyr Mukesh Kumar funeral
Image: Kashipur martyr Mukesh Kumar funeral

उधमसिंह नगर: अरूणाचल प्रदेश में शहीद हुए काशीपुर के जवान को आज सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद को मुखाग्नि उनके पुत्र ने दी। शहीद की अंतिम यात्रा में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय और पूर्व सांसद बलराज पासी ने कंधा दिया। इस दौरान परिवहन मंत्री यशपाल आर्य भी मौजूद रहे। मुकेश अपने पीछे पत्नी नीलम और दो बेटे विशाल और ऋषभ को अकेला छोड़ गए हैं। अरुणाचल के बोमडिला में तैनात कुमाऊं रेजिमेंट के हवलदार मुकेश कुमार ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। इस खबर के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। हवलदार मुकेश कुमार का घर काशीपुर के नंदरामपुर गांव में है। इस गांव में ही उनका ससुराल भी है। मुकेश कुमार बीते 3 साल से अरुणाचल प्रदेश के बोमडिला में तैनात थे। मृतक के परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। उनके भाई का रानीखेत में निजी व्यवसाय है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक मुकेश कुमार को 4 अप्रैल 2021 को रिटायर होना था। लेकिन रिटायरमेंट से पहले ही एक दुखद खबर इनके परिवार तक पहुंची। फिलहाल मुकेश की शहादत की खबर के बाद उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है। शहीद को शत शत नमन

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