लॉकडाउन के दौरान जिन लड़कों को गैस एजेंसी ने काम से निकाल दिया, वो अब गैस सिलेंडरों में पानी भरकर लोगों को चूना लगा रहे हैं।
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Komal Negi
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Image: Black marketing of gas cylinders in Haldwani
हल्द्वानी: पैसे कमाने के लिए लड़के कैसे कैसे अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। अब हल्द्वानी में ही देख लें, यहां गैस एजेंसियों से निकाले गए युवक सिलेंडरों में पानी भरकर बेच रहे हैं। पिछले एक महीने से सक्रिय ये गिरोह अब तक 45 लोगों को पानी मिले गैस सिलेंडर बेच चुका है। मामले का खुलासा तब हुआ जब गैस एजेंसी में उपभोक्ता शिकायत लेकर पहुंचने लगे। पानी भरने के बाद 40 किलो के सिलेंडर का वजन देख एजेंसी प्रबंधक भी हैरान रह गए। गैस एजेंसियों ने उपभोक्ताओं को बाइक और साइकिल से रसोई गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी करने वालों से सावधान रहने को कहा है। सिलेंडर में घटतौली की ज्यादातर शिकायतें कुसुमखेड़ा और नवाबी रोड क्षेत्र से आ रही हैं। अब तक ऐसी 45 शिकायतें मिल चुकी हैं, जिनमें लोगों को पानी भरा सिलेंडर बेच दिया गया। पूरे शहर में गैस की कालाबाजारी का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। सिलेंडर में पानी भरने का खेल होता कैसे है ये भी जान लें। आगे पढ़िए
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गैस की कालाबाजारी करने वाले लोग खाली सिलेंडर का नोजल खोलकर उसके करीब आधे हिस्से में पानी भरकर नोजल लगा देते हैं। बाद में इस पानी के ऊपर से गैस की रीफिलिंग कर दी जाती है। सील पैक में लगी पॉलिथीन वाली पन्नी को चिपकाने के लिए सील पैक के ऊपर से गरम पानी डाला जाता है, जिससे वह पन्नी सील में चिपक जाती है। ऐसे में गैस सिलेंडर का वजन बढ़ जाता है। लोग सिलेंडर का वजन देखकर इसे खरीद लेते हैं, लेकिन सिलेंडर ज्यादा दिन तक नहीं चलता। शहर के कुसुमखेड़ा और नवाबी रोड के अलावा रानीबाग, दमुवाढूंगा, गौजाजाली, ऊंचापुल ग्रामीण क्षेत्र, पनियाली, रामपुर रोड क्षेत्र में भी यह गैंग सक्रिय हो चुका है। बताया जा रहा है कि इस गोरखधंधे में वही लड़के शामिल हैं, जिन्हें गैस एजेंसी ने लॉकडाउन के दौरान काम से निकाल दिया था। आप भी सिलेंडर लेते वक्त सावधान रहें। सिलेंडर का वजन चेक कर लें, साथ ही अपनी गैस बुक में साइन जरूर करा लें।