गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान हुआ बवाल, उत्तराखंड के बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश।

दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर शांतिपूर्ण ट्रैक्टर रैली के दौरान उठे बवाल के बाद अब उत्तराखंड की सीमाओं पर भी सुरक्षा कड़ी करने का अलर्ट जारी कर दिया है। पढ़िए पूरी खबर-
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उत्तराखंड: Ruckus occurred during tractor rally in Delhi, security tightened on the border of Uttarakhand
Image: Ruckus occurred during tractor rally in Delhi, security tightened on the border of Uttarakhand

देहरादून: राजधानी दिल्ली में कल का दिन बहुत ही भारी साबित हुआ। एक ओर गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर देश के सभी राज्यों की झांकी निकली और देशभक्ति का माहौल देखने को मिला तो वहीं दूसरी ओर महीनों से सड़क पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की ट्रैक्टर रैली का भी प्रदर्शन हुआ। मगर शांतिपूर्ण ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में काफी उपद्रवियों ने दंगे फसाद मचाए और गणतंत्र दिवस के जश्न में खलल डालने का प्रयास भी किया। कई अराजक तत्वों ने कल दिल्ली में बवाल मचाया। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर शांतिपूर्ण ट्रैक्टर रैली के दौरान उठे बवाल के बाद अब उत्तराखंड की सीमाओं पर भी सुरक्षा कड़ी करने का अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार का कहना है कि देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जिले को अपने-अपने बॉर्डर पर पैनी नजर बनाए रखने के कड़े निर्देश दे दिए हैं।

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अशोक कुमार ने कहा कि किसानों ने देहरादून आने की भी योजना बनाई थी मगर उनकी यह योजना सफल नहीं हो पाई। मंगलवार को ऐसी कोई भी बात उत्तराखंड में नहीं हुई और सब कुछ व्यवस्थित रहा। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस महानिदेशक में सभी एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दे दिए हैं। वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कल दिल्ली में किसानों द्वारा जो भी बवाल मचाया गया उसको लेकर उन्होंने अपना रोष भी व्यक्त किया। उन्होंने दिल्ली में किसान रैली के दौरान हुए उपद्रव को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले किसान कतई नहीं हो सकते।मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी को दिल्ली में किसानों के नाम पर कुछ अराजक तत्वों ने जो दंगे फसाद भड़काए हैं, वह नहीं होना चाहिए था। जो किसान 26 जनवरी के पर्व पर ऐसा कदम उठाएं वह किसान हो ही नहीं सकते।

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मुख्यमंत्री रावत का कहना है कि इस प्रकार की घटना समस्त राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि जो भी किसान इस अराजकता फैलाने वाले उपद्रव में शामिल नहीं हुए उनको वे नमन करते हैं। इसी के साथ उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड में ऐसा कुछ ना हो इसके लिए सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए गए हैं।दरअसल बीते महीने से किसान ठिठुरती हुई ठंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस के दिन सभी किसानों ने शांतिपूर्ण ट्रैक्टर रैली निकालने का तय किया था मगर यह शांतिपूर्ण ट्रेक्टर रैली कब अराजक हो गई यह किसी को भी पता नहीं लग पाया, जिस वजह से दिल्ली में इमरजेंसी की सिचुएशन बन गई। कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान हुए बवाल के बाद से अब पुलिस ने हिंसा के संबंध में अब तक 22 प्राथमिकी दर्ज की हैं। दिल्ली में किसानों के उग्र प्रदर्शन के बाद और रैली में अराजकता फैल जाने के बाद हुई हिंसा में कम से कम 86 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर आज भी किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है और सिंघु बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात है।