उत्तराखंड: देवलथल में आदमखोर गुलदार का खात्मा..3 महिलाओं को उतारा था मौत के घाट

देवलथल में तीन महिलाओं को मौत के घाट उतारने वाले आदमखोर गुलदार को शिकारियों ने ढेर कर दिया। गुलदार के खात्मे के बाद लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
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Pithoragarh news: Men eater leopard shot dead in pithoragarh
Image: Men eater leopard shot dead in pithoragarh

पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ में आतंक का एक अध्याय खत्म हो गया। देवलथल क्षेत्र में तीन महिलाओं को मौत के घाट उतारने वाला नरभक्षी गुलदार मारा गया। गुलदार के खात्मे के बाद अब सीमा देवी के बच्चे भी चैन की सांस ले रहे होंगे। पिछले दिनों 40 साल की सीमा देवी को गुलदार ने मार दिया था। सीमा का पति पिछले 12 साल से लापता है। सीमा ही बकरियां पालकर और घास बेचकर बच्चों को पाल रही थी, लेकिन अब उसके बच्चों के सिर से मां का साया भी उठ गया। देवलथल तहसील क्षेत्र में रिण बिछुल से लेकर रामगंगा नदी घाटी के मोडी तक गुलदार आतंक का पर्याय बना हुआ था। नरभक्षी ने इस इलाके में डेढ़ महीने के भीतर 3 महिलाओं को अपना शिकार बनाया। जिसके बाद वन विभाग ने गुलदार को नरभक्षी घोषित कर क्षेत्र में शिकारी तैनात करने का निर्णय लिया।

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विभाग की स्वीकृति मिलने पर नैनीताल के शिकारी हरीश धामी को गुलदार के खात्मे की जिम्मेदारी दी गई। शिकारी हरीश धामी वन विभाग की टीम के साथ नरभक्षी का पता लगाने में जुटे थे। गुरुवार शाम नरभक्षी जब शिकार की फिराक में रिण के पास पहुंचा तो शिकारी की गोली का शिकार बन गया। इसी के साथ देवलथल तहसील क्षेत्र में नरभक्षी के आतंक का खात्मा हो गया। वन विभाग ने गुलदार के मारे जाने की पुष्टि की है। वन अधिकारियों ने बताया कि मारा गया गुलदार उम्रदराज है, उसका एक पंजा घायल है। अपंग और वृद्ध गुलदार ही नरभक्षी बनते हैं। देवलथल क्षेत्र में सक्रिय गुलदार ने केवल महिलाओं पर ही हमले किए, उसने किसी पुरुष पर हमला नहीं किया। पिछले दिनों उसने तीन महिलाओं को अपना शिकार बनाया। जबकि दो महिलाओं को घायल किया। गुरुवार को शिकारियों ने नरभक्षी गुलदार को ढेर कर दिया।