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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ में आतंक का एक अध्याय खत्म हो गया। देवलथल क्षेत्र में तीन महिलाओं को मौत के घाट उतारने वाला नरभक्षी गुलदार मारा गया। गुलदार के खात्मे के बाद अब सीमा देवी के बच्चे भी चैन की सांस ले रहे होंगे। पिछले दिनों 40 साल की सीमा देवी को गुलदार ने मार दिया था। सीमा का पति पिछले 12 साल से लापता है। सीमा ही बकरियां पालकर और घास बेचकर बच्चों को पाल रही थी, लेकिन अब उसके बच्चों के सिर से मां का साया भी उठ गया। देवलथल तहसील क्षेत्र में रिण बिछुल से लेकर रामगंगा नदी घाटी के मोडी तक गुलदार आतंक का पर्याय बना हुआ था। नरभक्षी ने इस इलाके में डेढ़ महीने के भीतर 3 महिलाओं को अपना शिकार बनाया। जिसके बाद वन विभाग ने गुलदार को नरभक्षी घोषित कर क्षेत्र में शिकारी तैनात करने का निर्णय लिया।