हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उत्तराखंड त्रासदी कोष में स्वैच्छिक कोष से 11 करोड़ रुपए दिए हैं। उन्होंने कहा है कि संकट की इस घड़ी में हरियाणा सरकार उत्तराखंड के साथ हमेशा खड़ी है। Chamoli Disaster: Haryana CM gave Rs 11 crore in Uttarakhand tragedy fund
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Komal Negi
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Image: Haryana CM gave Rs 11 crore in Uttarakhand tragedy fund
चमोली: बीते रविवार को चमोली में जो हुआ वह किसी ने सोचा भी नहीं था। उत्तराखंड इस मुसीबत से जूझ रहा है।देवभूमि पर आई आपदा में हुए नुकसान को देखते हुए पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने उत्तराखंड को हर मदद करने की बात कही है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने भी उत्तराखंड राज्य कोष में 11 करोड़ रुपए दान में दिए हैं। जी हां, 2 दिन पहले ही उत्तराखंड के जोशीमठ के पास ग्लेशियर फटने के कारण उत्तराखंड को भारी आर्थिक नुकसान हुआ था और बीते 3 दिनों से उत्तराखंड में राहत और बचाव का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और इसी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने उत्तराखंड को बड़ी आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उत्तराखंड त्रासदी कोष में स्वैच्छिक कोष से 11 करोड़ रुपए दिए हैं। उन्होंने कहा है कि संकट की इस घड़ी में हरियाणा सरकार उत्तराखंड के साथ हमेशा खड़ी है और उत्तराखंड के ऊपर आई इस मुसीबत से निपटने में हरियाणा द्वारा उत्तराखंड को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
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मनोहर लाल खट्टर ने आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को टैग करते हुए एक ट्वीट कर कहा, ''देवभूमि उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से आई आपदा ने बहुत सी अनमोल जिंदगियों पर प्रभाव डाला है। इस प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹11 करोड़ की राशि दी जाएगी। इसके अलावा हरियाणा द्वारा हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी।'' इसके जवाब में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, ''आदरणीय मनोहर लाल खट्टर जी का मैं उत्तराखंड की समस्त जनता की तरफ़ से हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।'' बीते रविवार को चमोली जिले में ऋषि गंगा घाटी में आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या 31 पहुंच गई है। एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एनडीआरएफ की संयुक्त और बचाव राहत अभियान जारी है।
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बचाव टीमें सुरंग में फंसे लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही हैं। 170 लोग धौलीगंगा नदी में आई अचानक बाढ़ में अभी भी लापता हो रखे हैं। एसडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक 28 व्यक्तियों के शव विभिन्न एजेंसियों द्वारा अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए हैं। एसडीआरएफ ने कहा कि तपोवन, जोशीमठ, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग क्षेत्रों में अलकनंदा नदी में शवों की तलाश जारी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बीते सोमवार की शाम को तपोवन क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने मंगलवार सुबह क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया और हादसे में घायल हुए लोगों से अस्पताल में मुलाकात की और उनसे उनका हालचाल जाना।मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि इस समय सुरंग के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।