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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चमोली: आज चमोली आपदा को पूरा एक हफ्ता बीत चुका है और इस पूरे 1 हफ्ते में उत्तराखंड के ऊपर मुसीबतों का अंबार टूट पड़ा है। किसी ने भी नहीं सोचा था कि उत्तराखंड में ऐसी आपदा आएगी जो पूरे प्रदेश के लोगों की नींद उड़ा देगी। कितने घर ऐसे हैं जिन के चिराग बुझ चुके हैं। कितने ही बेकसूर लोग जल प्रवाह में बह गए हैं और उनका अभी तक सुराग नहीं लग पाया है। कई परिवार ऐसे हैं जिनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। यह पीड़ा असहनीय है और हम यह अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि आखिर आपदा में लापता हुए लोगों के परिजनों के ऊपर इस समय क्या बीत रही होगी। लापता लोगों के परिजन बीते 1 हफ्ते से उनका इंतजार कर रहे हैं । उनकी आंखों में उम्मीद है कि लापता हुए उनके परिवार वाले वापस आएंगे। इन्हीं में से एक हैं पितांबरी देवी जो कि बीते 1 हफ्ते से अपने बेटे का इंतजार कर रही हैं। तपोवन जिले के अभिषेक पंत का अभी तक कुछ पता नहीं लग पाया है। उन्हीं की मां पीतांबरी देवी अपने बेटे का लगातार इंतजार कर रही हैं। तब से ही वह बेहोशी की हालत में हैं।