उत्तराखंड: लॉकडाउन में नौकरी गई तो स्कूटी पर खोला ढाबा..हर महीने 25-30 हजार की कमाई

परम सिंह बीएससी पास हैं। वो गोवा में जॉब करते थे, लेकिन कोरोना काल में उनकी नौकरी चली गई। एक ऑप्शन खत्म हुआ तो परम सिंह ने आमदनी का दूसरा जरिया खोज लिया, जानिए उनकी कहानी।
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Haldwani Famous Rajma Rice: Haldwani Param Singh Rajma Rice
Image: Haldwani Param Singh Rajma Rice

हल्द्वानी: मन में कुछ करने की ठान लो तो नामुमकिन कुछ भी नहीं। अब हल्द्वानी के रहने वाले परम सिंह को ही देख लें। लॉकडाउन में नौकरी गई तो इन्होंने स्कूटी को ढाबे में तब्दील कर लिया। आज परम सिंह हर महीने 30 हजार रुपये तक की आमदनी कर रहे हैं और घर में ही रोजगार का अवसर पाकर खुश भी हैं। तिकोनिया के रहने वाले परम सिंह गोवा में नौकरी करते थे। सब ठीक चल रहा था, तभी कोरोना की एंट्री हुई और दूसरे कई लोगों की तरह परम सिंह का रोजगार भी चला गया। नौकरी गई तो परम सिंह हल्द्वानी वापस आ गए। यहां वो खुद का काम शुरू करने की सोचने लगे। इस बीच परम सिंह ने स्कूटी पर ढाबा शुरू करने की सोची, हालांकि ये काम आसान नहीं था, लेकिन परम सिंह ने इसे चुनौती की तरह स्वीकार किया। वो स्कूटी से हल्द्वानी की सड़कों पर खाना बेचने लगे। मात्र 30 से 60 रुपये में लोगों को उनका पसंदीदा खाना प्रोवाइड कराने लगे।

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लोगों को उनका आइडिया भी भाया और खाना भी, इस तरह परम सिंह का धंधा चल पड़ा। परम सिंह ने बीएससी किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद वो गोवा में जॉब कर रहे थे। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनकी जॉब चली गई, जमापूंजी भी खत्म हो गई। तब उन्होंने हल्द्वानी की सड़कों पर खाना बेचना शुरू कर दिया। वो रामपुर रोड पर फूड सप्लाई करते हैं। लोगों को भी उनकी सर्विस पसंद है, क्योंकि वो उनको कम पैसे में स्वादिष्ट और स्वच्छ खाना उपलब्ध कराते हैं। वो लोगों को छोले चावल, राजमा चावल और कढ़ी चावल के अलावा पहाड़ी खाना भी परोसते हैं। परम सिंह कहते हैं कि शुरुआत में थोड़ी परेशानी जरूर हुई। ग्राहक कम आ रहे थे, लेकिन अब उन्हें रोजाना हजार रुपये से अधिक की आमदनी हो रही है। वो अब यही काम करेंगे और दोबारा वापस नौकरी करने नहीं जाएंगे।