उत्तराखंड: त्रिवेन्द्र कैबिनेट मीटिंग में 7 प्रस्तावों पर लगी मुहर..महिलाओं के लिए शानदार फैसला

घस्यारी कल्याण योजना के तहत गांव में ही सस्ता चारा मिलेगा तो महिलाओं को घास और चारे के लिए जंगलों में नहीं भटकना पड़ेगा।
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Trivendra Cabinet Meeting: Trivandra Cabinet Meeting 25 February
Image: Trivandra Cabinet Meeting 25 February

देहरादून: महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार कई बड़ी योजनाओं पर काम कर रही है। पैतृक संपत्ति में अधिकार देने के साथ ही राज्य सरकार ने महिलाओं के कंधे से घास का बोझ कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार महिलाओं के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याणकारी योजना शुरू करने जा रही है। योजना के तहत सस्ते गल्ले की तरह प्रदेश में 7771 केंद्रों के माध्यम से गांवों तक पशुओं के लिए सस्ता चारा उपलब्ध कराया जाएगा। गांव में ही सस्ता चारा मिलेगा तो महिलाओं को घास और चारे के लिए जंगलों में नहीं भटकना पड़ेगा। इससे महिलाएं जंगली जानवरों से भी सुरक्षित रहेंगी। वो अपने समय का बेहतर इस्तेमाल कर सकेंगी। गुरुवार को न्यू कैंट स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय परिसर में उत्तराखंड प्रदेश मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई।

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बैठक में मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याणकारी योजना समेत सात प्रस्तावों पर चर्चा के बाद उन्हें मंजूरी दी गई है। कैबिनेट मीटिंग में संस्कृत शिक्षा विभाग के 57 शिक्षकों को 155 शिक्षकों में समायोजित करने को मंजूरी मिली। वन भूमि पर दी गयी लीज के नवीनीकरण और नई लीज नीति को मंजूरी दी गई। इसके अलावा उत्तराखंड पुलिस दूरसंचार अधीनस्थ सेवा नियमावली संशोधन को भी मंजूरी मिल गई है। अब पुलिसकर्मियों को दस साल की सेवा के बाद सब इंस्पेक्टर के तौर पर पदोन्नति मिल सकेगी। घस्यारी कल्याण योजना को भी मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा जल जीवन मिशन में 2 पदों की मंजूरी देने के साथ ही कोविड अस्पतालों के संबंध में भी जरूरी निर्णय लिए गए। उत्तराखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन प्रोत्साहन एवं सुविधा अधिनियम 2020 की धारा 87 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।