सोशल मीडिया पर आपको खैट पर्वत और परियों से जुड़ी इतनी कहानियां मिल जाएंगी, कि किसी का भी मन वहां जाने के लिए मचलने लगेगा।
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Komal Negi
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Image: Ibrahim reached the Khaint Parvat from Assam
टिहरी गढ़वाल: हमारे देश में कल्पना और चमत्कार का बहुत विस्तार रहा है। परियों की कहानियां हमें आज भी खूब लुभाती हैं। आमतौर पर परियां सिर्फ हमारी कल्पनाओं का हिस्सा रही हैं, लेकिन उत्तराखंड में एक जगह है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां परियों की दुनिया बसती है। ये जगह है टिहरी जिले में स्थित खैट पर्वत। सोशल मीडिया पर आपको इस पर्वत और परियों से जुड़ी इतनी कहानियां मिल जाएंगी, कि किसी का भी मन वहां जाने के लिए मचलने लगेगा। असम के रहने वाले 21 साल के इब्राहिम अली के साथ भी यही हुआ। ये लड़का इन परियों की हकीकत जानने के लिए हजारों किलोमीटर का सफर तय कर टिहरी पहुंच गया, लेकिन खैट पर्वत में कोई परी नजर नहीं आई।
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जिससे इब्राहिम बेहद निराश हुआ। परियों की कहानी से ध्यान हटा तो इब्राहिम का ध्यान अपनी जेब पर गया, जो कि खाली हो चुकी थी। अब उसके पास असम वापस जाने के लिए पैसे भी नहीं हैं। हालांकि कुछ संगठन उसकी मदद के लिए जरूर आगे आए हैं। उम्मीद है इब्राहिम जल्द ही सही सलामत अपने घर पहुंच जाएगा। इब्राहिम ने बताया कि उसने यूट्यूब पर टिहरी जिले के प्रसिद्ध खैट पर्वत के बारे में वीडियो देखा था, जिसमें दावा किया गया था कि खैट पर्वत पर परियां वास करती हैं और दिखती भी हैं। परियों की हकीकत जानने के लिए वो असम से टिहरी चला आया। पहले वो ट्रेन से दिल्ली पहुंचा। वहां से देहरादून और फिर टिहरी आया।
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टिहरी से पैदल यात्रा करते हुए वो खैट पर्वत पहुंचा, लेकिन परियां कहीं नजर नहीं आईं। युवक ने बताया कि वो सिर्फ तीन हजार रुपये लेकर असम से चला था, लेकिन अब वापस जाने के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं। वो अपने घर जाने के लिए परेशान है। हालांकि एक मीडिया संस्थान की मदद से इब्राहिम का देहरादून के असम संघ से संपर्क कराया गया है। संगठन ने इब्राहिम की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है। आपको बता दें कि टिहरी का खैट पर्वत लाखों लोगों की आस्था से जुड़ा है। माना जाता है कि इस पर्वत पर परियों का वास है। खैट पर्वत विशाल मैदान में स्थित अकेला पर्वत है। इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।