होली के दिन मासूम ने अनजाने में चूहे मारने की दवा खा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
-
Komal Negi
-
Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Two-year-old child dies in Haldwani
हल्द्वानी: कीटनाशकों का इस्तेमाल करते वक्त अतिरिक्त रूप से सावधान रहने की जरूरत होती है। इन पर साफ लिखा होता है कि इन्हें बच्चों की पहुंच से दूर रखें, लेकिन दुर्भाग्य से लोग अब भी इस तरह के निर्देशों को साफ इग्नोर कर जाते हैं। हल्द्वानी के रहने वाले एक परिवार ने भी अगर इस तरह की गलती नहीं की होती, तो शायद 2 साल के तन्मय की जान नहीं जाती। होली के दिन तन्मय ने अनजाने में चूहे मारने की दवा खा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। दुखद हादसे में जान गंवाने वाला तन्मय अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। तन्मय की मौत के बाद क्षेत्र में मातम पसरा है। परिजन सदमे में हैं, उनके आंसू रुक नहीं रहे। घटना जीतपुर नेगी क्षेत्र की है। जहां धर्मेंद्र मौर्य अपने परिवार संग किराये के मकान में रहते हैं।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कोरोना पॉजिटिव..तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर देहरादून रेफर
धर्मेंद्र मूलरूप से पीलीभीत के रहने वाले हैं। वो राजमिस्त्री का काम करते हैं। धर्मेंद्र ने घर में आटे की गोली में चूहे मारने की दवा मिलाकर रखी हुई थी। इस दौरान चूहे मारने की दवा मिली आटे की गोली नीचे गिर गई। मासूम तन्मय खेलते-खेलते उस जगह पर पहुंचा और अनजाने में विषाक्त गोली खा ली। चूहे मारने की दवा खाते ही बच्चे की हालत खराब होने लगी। ये देख परिजन बुरी तरह सकपका गए। वो बच्चे को तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए, लेकिन अफसोस कि बच्चे की जान बच नहीं सकी। देर रात इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। तन्मय अपने माता-पिता की इकलौती संतान था, परिवार वालों ने उसे बड़े नाजों से पाला था, लेकिन परिवार की एक छोटी सी गलती तन्मय की मौत का सबब बन गई। बहरहाल पुलिस ने बच्चे का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, मामले की जांच की जा रही है।