होली के दिन मासूम ने अनजाने में चूहे मारने की दवा खा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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Komal Negi
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Image: Two-year-old child dies in Haldwani
हल्द्वानी: कीटनाशकों का इस्तेमाल करते वक्त अतिरिक्त रूप से सावधान रहने की जरूरत होती है। इन पर साफ लिखा होता है कि इन्हें बच्चों की पहुंच से दूर रखें, लेकिन दुर्भाग्य से लोग अब भी इस तरह के निर्देशों को साफ इग्नोर कर जाते हैं। हल्द्वानी के रहने वाले एक परिवार ने भी अगर इस तरह की गलती नहीं की होती, तो शायद 2 साल के तन्मय की जान नहीं जाती। होली के दिन तन्मय ने अनजाने में चूहे मारने की दवा खा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। दुखद हादसे में जान गंवाने वाला तन्मय अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। तन्मय की मौत के बाद क्षेत्र में मातम पसरा है। परिजन सदमे में हैं, उनके आंसू रुक नहीं रहे। घटना जीतपुर नेगी क्षेत्र की है। जहां धर्मेंद्र मौर्य अपने परिवार संग किराये के मकान में रहते हैं।
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धर्मेंद्र मूलरूप से पीलीभीत के रहने वाले हैं। वो राजमिस्त्री का काम करते हैं। धर्मेंद्र ने घर में आटे की गोली में चूहे मारने की दवा मिलाकर रखी हुई थी। इस दौरान चूहे मारने की दवा मिली आटे की गोली नीचे गिर गई। मासूम तन्मय खेलते-खेलते उस जगह पर पहुंचा और अनजाने में विषाक्त गोली खा ली। चूहे मारने की दवा खाते ही बच्चे की हालत खराब होने लगी। ये देख परिजन बुरी तरह सकपका गए। वो बच्चे को तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए, लेकिन अफसोस कि बच्चे की जान बच नहीं सकी। देर रात इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। तन्मय अपने माता-पिता की इकलौती संतान था, परिवार वालों ने उसे बड़े नाजों से पाला था, लेकिन परिवार की एक छोटी सी गलती तन्मय की मौत का सबब बन गई। बहरहाल पुलिस ने बच्चे का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, मामले की जांच की जा रही है।