पिछले दिनों हुए एक कार्यक्रम में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने अपनी तुलना अभिमन्यु से की थी। इसे लेकर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने एक बार फिर उन पर निशाना साधा है।
-
कोमल
-
Advertisement
भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
Image: Harak singh rawat asks trivendra singh rawat about kauravas
देहरादून: उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री बदल दिया गया। पिछले महीने त्रिवेंद्र सिंह रावत को अचानक इस्तीफा देना पड़ा। एक महीने पहले तक सीएम रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत अब पूर्व सीएम हैं। वो खुद को भरसक सहज बनाए रखने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन गाहे-बगाहे उनका दर्द शब्दों में छलक ही जाता है। पिछले दिनों उन्होंने एक कार्यक्रम में खुद की तुलना अभिमन्यु से की थी। उन्होंने कहा था कि जब अभिमन्यु को कौरवों द्वारा छल से मारा जाता है तो मां द्रौपदी शोक नहीं करती हैं। वो प्रतिकार करती हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस बयान के कई मतलब निकाले जा रहे हैं। उनके इस बयान को लेकर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: सल्ट विधानसभा उपचुनाव में BJP से हुई बड़ी गलती..अब याद आए त्रिवेन्द्र
मंत्री हरक सिंह रावत बोले कि त्रिवेंद्र रावत बताएं कौन कौरव हैं और कौन पांडव हैं। क्या डोईवाला की जनता पांडव हो गई और हमारे राष्ट्रीय नेता कौरव हो गए क्या? दरअसल हरक सिंह रावत उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से उनकी पिछले चार सालों में कभी नहीं बनी। कर्मकार कल्याण बोर्ड का मामला तो आपको पता ही होगा। त्रिवेंद्र रावत सरकार में उन्हें कर्मकार कल्याण बोर्ड से बिना पूछे बाहर कर दिया गया था। हरक ने इसकी शिकायत दिल्ली हाईकमान से की थी। ऐसी ही कई शिकायतें थीं, जो त्रिवेंद्र सिंह रावत की विदाई की बड़ी वजह बनीं।
यह भी पढ़ें - ब्रेकिंग: CM तीरथ ने पलटा पूर्व CM त्रिवेंद्र का बड़ा फैसला..दर्जाधारी मंत्रियों का पत्ता साफ
अब तीरथ सिंह रावत मुख्यमंत्री हैं, जिनके कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत एक बार फिर पूरे दबदबे में हैं। त्रिवेंद्र सरकार के कई फैसलों को पलटा जा रहा है। गुरुवार को कर्मकार कल्याण बोर्ड से सचिव दीप्ति सिंह को भी हटा दिया गया, जिन्हें पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तैनात किया था। इस पद पर उप श्रमायुक्त हरिद्वार में तैनात मधु नेगी चौहान को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जो कि हरक सिंह रावत की पसंदीदा अधिकारियों में शामिल हैं। बहरहाल पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत के अभिमन्यु वाले बयान के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। राजनीति के महारथी तो ये भी कह रहे हैं कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत असंतुष्ट हैं, और उनकी नाराजगी आने वाले वक्त में बीजेपी की दिक्कतें बढ़ा सकती है।