उत्तराखंड: जांबाज फायर फाइटर का लंबी बीमारी के बाद निधन..परिवार में पसरा शोक

यूएसनगर के काशीपुर में फायर ब्रिगेड विभाग में लीडिंग फायरमैन के पद पर तैनात ललित कुमार की 1 महीने लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है।
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Udham Singh Nagar News: Udham Singh Nagar Fireman Lalit Kumar passes away
Image: Udham Singh Nagar Fireman Lalit Kumar passes away

उधमसिंह नगर: यूएसनगर के काशीपुर से एक बुरी खबर सामने आ रही है। काशीपुर में फायर ब्रिगेड विभाग में लीडिंग फायरमैन ललित कुमार की लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। वे 1 महीने के लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। जिंदगी और मौत के बीच 1 महीने से जूझते हुए ललित कुमार हमेशा-हमेशा के लिए मौन हो गए हैं। उनकी मृत्यु के बाद से ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है और फायर ब्रिगेड विभाग में भी सभी कर्मचारी ललित कुमार की मृत्यु के बाद से आहत हैं। पुलिस ने उनके शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव को उनके परिजनों को सौंप दिया है। बाजपुर रोड पर स्थित फायर स्टेशन में अन्य स्टाफ एवं पुलिस कर्मियों ने उनको अंतिम विदाई दी। उनकी मृत्यु के बाद से ही उनके परिवार में शोक की लहर छा गई है। वे अपने पीछे 11वीं में पढ़ने वाले इकलौते बेटे तुषार को और अपने परिवार को छोड़कर गए हैं। बता दें कि ललित कुमार की उम्र 45 वर्ष थी और वे 18 वर्ष से काशीपुर की वैशाली कॉलोनी में रह रहे थे। इससे पहले वे काशीपुर के पास स्टेशन में तैनात थे और 4 वर्ष पहले की उनकी पदोन्नति हुई और उनका लीडिंग फायरमैन के पद पर पौड़ी गढ़वाल में ट्रांसफर हो गया था। आगे पढ़िए

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बीते 4 साल से वे पौड़ी गढ़वाल में ही तैनात थे। बीते 1 महीने से वे लंबी बीमारी से जूझ रहे थे जिसके बाद गुरुवार की देर रात उनका उनके घर में निधन हो गया। उनके बेटे तुषार के मुताबिक 4 मार्च को उनके पिता को विभाग द्वारा कोरोना का टीका लगाया गया था। 7 मार्च को उनकी तबीयत बिगड़ी जिसके बाद उनके परिजनों उनको काशीपुर ले आए और मानपुर रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल में ललित कुमार को भर्ती करवाया गया। 31 मार्च को डॉक्टरों ने उनको छुट्टी दे दी और उसके बाद उनके परिजन उनको वापस घर ले आए। मगर गुरुवार की देर रात को 11 बजे अचानक ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्होंने घर पर ही दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने उनके शव को परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए दे दिया है। उनकी मृत्यु के बाद उनके विभाग में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों ने उनको अंतिम विदाई दी और श्रद्धांजलि दी।