अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर में डर के बीच अस्पताल में गूंज उठीं मासूम की किलकारियां, जहां डॉक्टरों ने एक कोरोना संक्रमित महिला की सफलतापूर्वक डिलीवरी की।
-
Komal Negi
-
Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
Image: Delivery of coronavirus positive woman in Almora
अल्मोड़ा: वक्त बुरा चल रहा है। पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। लोगों की मौत हो रही है अस्पतालों की हालत शब्दों में बयां नहीं हो पा रही है। बेड्स की कमी है, वेंटिलेटर नहीं हैं, ऑक्सीजन नहीं है। लोग ऑक्सीजन की कमी से अस्पतालों के गेट पर तड़प-तड़प कर मर रहे हैं। दूर तक नजर फैलाओ तो केवल निर्दोष लोगों की लाशों का अंबार लगा हुआ है। लोग सिस्टम की लापरवाही का शिकार हु रहे हैं जिन्होंने ता-उम्र अपना काम मेहनत से किया है मगर बदले में उनको दर्दनाक मृत्यु मिल रही है। हर जगह केवल और केवल चिंतित करने वाली सूचनाएं आ रही हैं। कोरोना संक्रमण के दौर में चारों ओर से बुरी खबरों का सिलसिला थमता नहीं दिखाई दे रहा है। मगर कहते हैं ना कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। तमाम नेगेटिव खबरों के साथ देश में कुछ ऐसी चीजें भी हो रही है जिनका सामने आना बहुत जरूरी है इन खबरों को पढ़कर ही लोगों का मनोबल बढ़ता है, पॉजिटिविटी फैलती है और इस वायरस के खिलाफ लड़ाई में साथ लड़ने के लिए एकता के साथ मनोबल और आत्मविश्वास का होना बहुत जरूरी है। ऐसे में हम कोशिश करते हैं कि आप तक उन पॉजिटिव खबरों को जरूर पहुंचाएं ताकि आपका भी मन थोड़ा प्रसन्न हो और इस महामारी के बीच में आपके चेहरे पर भी मुस्कान आए।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में कोरोना का तांडव, 72 घंटे में 289 मौत..देखिए हर जिले से भयावह आंकड़े
तमाम बुरी खबरों के बीच एक सकारात्मक खबर आ रही है उत्तराखंड के अल्मोड़ा से जिसको पढ़ कर आपके दिल को भी सुकून मिल जाएगा और इंसानियत पर भरोसा फिर से जाग उठेगा। यह सकारात्मक खबर आ रही है अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर से जहां पर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला एवं उसके शिशु की जान बचा कर एवं सुरक्षित डिलीवरी कर एक महिला डॉक्टर ने इंसानियत की जीती-जागती मिसाल पेश की है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि पॉजिटिव महिला का बच्चा कोरोना की चपेट में नहीं आया है और उसकी टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है। गर्भवती की हालत भी स्थिर बताई जा रही है और उसको बेहतर उपचार के लिए बेस अस्पताल भेज दिया गया है। कोविड संक्रमित महिला की डिलीवरी कराने वाली कोरोना वॉरियर और कोई नहीं बल्कि अस्पताल की डॉक्टर दीपिका हैं जिन्होंने संक्रमण की परवाह किए बगैर अपनी पूरी टीम के साथ मिलकर पॉजिटिव महिला की डिलीवरी सफलतापूर्वक कर इंसानियत की जीवंत मिसाल पेश की है। अगर महिला को समय पर इलाज नहीं मिलता तो कुछ बड़ी अनहोनी हो सकती थी मगर अस्पताल की डॉक्टर दीपिका ने महिला का प्रसव सफलतापूर्वक कर यह साबित कर दिया है कि धरती पर इंसानियत अब भी जीवित है।
यह भी पढ़ें - गढ़वाल में दुखद हादसा: निर्माणाधीन पुलिया ढही...एक मजदूर की मौत, दो घायल
चलिए आपको पूरे मामले की संक्षिप्त जानकारी देते हैं। बीते बुधवार को अल्मोड़ा के सोमेश्वर में स्थित अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में एक गर्भवती महिला को गंभीर हालत में लाया गया। महिला नजदीकी गांव की थी और उसको प्रसव पीड़ा होने के बाद उसके परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। डिलीवरी से पहले महिला की कोरोना जांच की गई जहां पर उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई जिसके बाद डॉक्टरों ने महिला को हायर सेंटर रेफर करने का फैसला लिया। मगर इसी बीच महिला की हालत बिगड़ती ही चली गई और 108 एंबुलेंस सेवा को भी आने में देरी हो गई जिसके बाद वहां मौजूद डॉक्टर दीपिका ने महिला की डिलीवरी अस्पताल में ही करने की ठानी। जब महिला की हालत बिगड़ने लगी तब डॉक्टर दीपिका एवं उनकी टीम ने बिना देरी के कोरोना संक्रमित महिला का प्रसव करने का निर्णय लिया और उन्होंने सफलतापूर्वक गर्भवती महिला की डिलीवरी की और डॉक्टरों की कोशिश का नतीजा यह निकला महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। अच्छी खबर यह है कि जच्चा और बच्चा दोनों पूर्ण तरह स्वस्थ हैं और नवजात शिशु की कोविड रिपोर्ट नेगेटिव आई है जिसके बाद बच्चे को उसके परिजन घर लेकर आ गए हैं और महिला को बेहतर इलाज के लिए बेस अस्पताल अल्मोड़ा में भेज दिया गया है।