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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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देहरादून: देहरादून में कोरोनावायरस ने कोहराम मचा दिया है। हालात यहां तक आ गए हैं किस श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बची है। लक्खी बाग स्थित मोक्षधाम में 1 दिन में 20 शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था को बनाया रखा जा सके। इसके लिए टोकन बुकिंग की व्यवस्था की गई है। लेकिन शुक्रवार को हालात बिगड़ गए। मोक्ष धाम में सभी टोकन पहले से बुक हो गए थे। इस वजह से 8 शवों को वहां से लौटा कर कहीं और भेज दिया गया। 20 शवों का अंतिम संस्कार पहले ही कर दिया गया था जिसके बाद अंतिम संस्कार के लिए 8 और शव लाए गए थे। लेकिन टोकन ना होने के कारण सभा को दूसरी जगहों पर भेजा गया। लोगों को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट में पहुंचने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। एंबुलेंस आसानी से नहीं मिल पा रही है और शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए हजारों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। यही हाल हल्द्वानी के मुक्तिधाम का भी है जहां अव्यवस्थाओं का आलम पसरा हुआ है। महामारी के इस दौर में हमारी आप से अपील है कि जितना हो सके घर पर रहे इसी में सबकी भलाई है.