उत्तरकाशी जिले में कोरोना संक्रमण पर ब्रेक लगाएगा डोर टू डोर सर्वे। डीएम मयूर दीक्षित द्वारा शुरू की गई यह सराहनीय पहल। अबतक जिले में 200 से भी अधिक संक्रमित चिन्हित किए जा चुके हैं।
-
Komal Negi
-
Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
Image: Door to door survey in Uttarkashi
उत्तरकाशी: उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का तेजी से फैलना चिंताजनक है। इसी बीच उत्तरकाशी के डीएम द्वारा एक सराहनीय पहल की शुरुआत की गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि डीएम की खास पहल से जिले में संक्रमण की रोकथाम में मदद मिलेगी। दरअसल अब उत्तरकाशी जिले में कोरोना संक्रमण पर ब्रेक लगाने के लिए डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा। सीमांत जनपद उत्तरकाशी में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने यह खास पहल शुरू की है। डोर टू डोर घूमने वाली सर्विलेंस टीम लोगों के घरों में जाकर कोविड जांच कर रही है और उनको जागरूक कर रही है। डीएम की इस सराहनीय पहल द्वारा अभी तक जिले में 200 कोरोना संक्रमितों को तलाशा जा चुका है।उत्तरकाशी में डोर टू डोर घूमने वाली इस सर्विलांस टीम ने अब तक 200 संक्रमितों को चिन्हित कर लिया है और उनको दवाई दे कर आइसोलेट कर दिया। इसी के साथ जिनकी तबीयत बिगड़ रही थी उनको अस्पताल भी पहुंचाया गया है। आपको बता दें कि यह दो टू डोर सर्वे उत्तरकाशी के नगर पालिका, नगर पालिका बड़कोट और नगर पंचायत नौगांव में किया गया
यह भी पढ़ें - बड़ी खबर: उत्तराखंड के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित..जारी हुए आदेश
दरअसल उत्तरकाशी जनपद में कोविड की रोकथाम के लिए एवं संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिले की नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत में डोर टू डोर सर्वे की एक टीम गठित की है। इस छह सदस्यीय टीम के अंदर पुलिस, ग्राम्य विकास, बाल विकास, पीआरडी,आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य विभाग की नर्स, आशा कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। इस टीम को प्रशिक्षित किया है जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल सहित अन्य अधिकारियों ने। अधिकारियों को टीम ने अच्छी तरह से प्रशिक्षित किया है। टीम को होम आइसोलेशन के नियम बताए गए एवं उनको यह भी बताया गया कि किस तरह घर-घर जाकर कोविड लक्षणों वाले व्यक्तियों की जांच की जाती है। इसी के साथ उनको यह भी बताया गया कि किस तरह कोरोना और वैक्सीन को लेकर हर व्यक्ति को जागरूक करना है। यह अभियान अप्रैल के अंतिम सप्ताह से शुरू हुआ। 6 सदस्यों की इस टीम ने तबसे अबतक लोगों के घर-घर जाकर एंटीजन एवं आरटीपीसीआर टेस्ट किए। एंटीजन टेस्ट में कुल 21 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है जबकि 115 व्यक्तियों के अंदर कोरोना के लक्षण पाए गए।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: देश के टॉप-10 कोरोना संक्रमित जिलों में शामिल हुआ देहरादून..केंद्र सरकार भी चिंतित
इस टीम ने अबतक नगरपालिका बाड़ाहाट, बड़कोट, नगर पंचायत नौगांव एवं पुरोला में अलग-अलग टीमों की ओर से सर्वे किया गया है।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि अबतक उत्तरकाशी में नौगांव, पुरोला, बाड़ाहाट, बड़कोट में अलग-अलग टीमों ने खांसी-बुखार से ग्रसित लोगों को चिन्हित किया और उनको आइसोलेट किया है। अब उत्तरकाशी जिले में चिन्यालीसौड़ का सर्वे होना बाकी है। अभी तक तकरीबन 8000 परिवारों का सर्वे किया गया है जिनमें से 3000 से अधिक रैपिड टेस्ट किए गए हैं जिनमें से 200 से अधिक लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। जिलाधिकारी मयूर भी दीक्षित का कहना है कि सर्वे टीम जांच के अलावा होम आइसोलेशन और क्वॉरेंटाइन की व्यवस्था को भी देख रही है और इसी के साथ जिन को कोविड है उनको घर पर ही दवाई दी जा रही है। सर्विलांस टीम डोर टू डोर सर्वे में विभिन्न राज्यों से उत्तरकाशी वापस आए व्यक्तियों का चिन्हीकरण कर उनके सैंपलों की जांच भी कर रही है।