उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत ने बड़ा फैसला लिया है। आयुष्मान कार्ड धारकों का निशुल्क कोरोना का इलाज होगा।
-
Komal Negi
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: Free corona treatment of Ayushman card holders in Uttarakhand
देहरादून: उत्तराखंड में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना एवं राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के लाभार्थियों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कोविड के लिए सभी प्रकार का निःशुल्क उपचार मिलेगा। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुणेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि संज्ञान में आया है कि आयुष्मान भारत एवं अटल आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों द्वारा कोविड रोगियों को कैशलेस उपचार की सुविधा नहीं दी जा रही है। यह कोविड के समय में बिल्कुल उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के आईटी सिस्टम में कोविड-19 पैकेज का चयन कर लाभार्थियों को चिकित्सा उपचार की सुविधा पूर्व से उपलब्ध है। इसके अलावा अस्पतालों को समय से उपचार करने में दिक्कत न हो, इसलिए प्राधिकरण चिकित्सालयों के बिल सिस्टम में अपलोड होने के एक सप्ताह में भुगतान किया जा रहा है।अरुणेंद्र चौहान ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हर योजनाओं के लाभार्थियों को सभी प्रकार की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण ने सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं।
यह भी पढ़ें - गुड़ न्यूज: उत्तराखंड में आज 4771 लोगों ने जीती कोरोना से जंग..देखिए लेटेस्ट रिपोर्ट
साथ ही लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए अस्पतालों से कहा गया है कि यदि कोविड मरीज अस्पताल में आता है तो हर हाल में योजना के अंतर्गत निर्धारित पैकेज के अनुसार निशुल्क उपचार दिया जाये। आयुष्मान योजना के अंतर्गत एनएबीएल मान्यता वाले अस्पतालों को आइसोलेशन बेड के लिए 8000, बिना आईसीयू के वेंटिलेटर केअर पर 12 हजार व आईसीयू के साथ वेंटिलेटर केअर के लिए 14,400 रुपये प्रति का भुगतान जबकि गैर एनएबीएल मान्यता वाले अस्पतालों को क्रमशः 6400, 10,400 व 12000 का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा लाभार्थियों की जांच, उपचार, भोजन एवं पीपीई किट पर होने वाला व्यय पैकेज में शामिल है। जबकि गंभीर कोविड रोगियों को उपचार की दवाएं जैसे रेमडीसीवीर, फेवीपीरवीर, टाकलीज़ुअमब उक्त पैकेज की दरों से अतिरिक्त वास्तविक दर पर ही सूचीबद्ध अस्पताल को उपलब्ध होगी। सभी अस्पतालों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी रोगी या तीमारदार से धनराशि लेना नियम विरुद्ध है और ऐसी स्थिति में अस्पताल की सूचीबद्धता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत समुचित प्राधिकारी को भी सूचित किया जा सकता है