उत्तराखंड में कोरोना..अस्पताल में भर्ती होने के 48 घंटों में 50 फीसदी मरीजों की मौत

प्रदेश में अब तक कोरोना संक्रमण से 4426 लोगों की मौत हो चुकी है। डराने वाली बात ये है कि इनमें से 50 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिन्होंने अस्पताल में भर्ती होने के 48 घंटे के अंदर ही दम तोड़ दिया।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Coronavirus in uttarakhand: Death toll in coronavirus hospitals in Uttarakhand
Image: Death toll in coronavirus hospitals in Uttarakhand

देहरादून: प्रदेश में कोरोना हर दिन डराने वाले रिकॉर्ड बना रहा है। चिंता इस बात की भी है कि राज्य में कोरोना से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। अस्पतालों का हाल बुरा है। प्रदेश में अब तक कोरोना संक्रमण से 4426 लोगों की मौत हो चुकी है। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक डराने वाली बात ये है कि इनमें से 50 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिन्होंने अस्पताल में भर्ती होने के 48 घंटे के अंदर ही दम तोड़ दिया। इसका खुलासा कोविड डेथ ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट में हुआ है। कमेटी के अध्यक्ष प्रोफेसर हेमचंद्र के मुताबिक उत्तराखंड में कोरोना से करीब 50 फीसदी लोगों की मौत अस्पताल में भर्ती होने के 48 घंटे के भीतर हो गई। उत्तराखंड में कोरोना से मरने वालों की दर राष्ट्रीय दर से ज्यादा पहुंच चुकी है। यहां अस्पताल में भर्ती होने के कुछ ही घंटों बाद 50 फीसदी से ज्यादा मरीजों की मौत हो गई। कमेटी के अध्यक्ष प्रो. हेमचंद्र पांडेय ने इसकी वजह भी बताई है। उनके मुताबिक इन लोगों ने कोरोना संक्रमण के शुरुआती चार से पांच दिनों के लक्षणों की अनदेखी की या उसका ठीक से इलाज नहीं करवाया। ये लोग जब तक अस्पताल पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड चारधाम यात्रा: विधि विधान से खुले गंगोत्री धाम के कपाट
यही वजह है कि करीब 50 फीसदी लोगों की मौत अस्पताल में भर्ती करने के 48 घंटे के भीतर हुई है। आपको बता दें कि राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी की जांच में 50 फीसदी मरीजों के अस्पताल पहुंचने के 48 घंटों के भीतर मौत होने की बात पता चली है। कमेटी का ये भी कहना है कि कई लोग संक्रमण की जानकारियां छुपा रहे हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो कोरोना की जांच कराने से बच रहे हैं। यही लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। देर से अस्पताल पहुंचने वाले मरीज 24 से 48 घंटे के बीच अपनी जान गंवा देते हैं। बात करें कोरोना संक्रमण के मामलों की तो बीते 24 घंटे में 5775 संक्रमित मरीज सामने आए और 116 मरीजों ने दम तोड़ा है। वहीं, 4483 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। कुल संक्रमितों की संख्या 277585 हो गई है। जबकि एक्टिव केस बढ़कर 79379 हो गए हैं।