उत्तराखंड: हाईटेक चंबा टनल के उद्घाटन से पहले ही सड़क पर पड़ी दरार..खुल गई निर्माण की पोल

टिहरी के चंबा टनल के पास उद्घाटन से पहले ही सड़क पर दरार पड़ने के साथ ही भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा किए गए घटिया निर्माण की पोल पट्टी भी खुल चुकी है।
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Tehri Garhwal Chamba Tunnel: Cracks on road near Tehri Garhwal Chamba Tunnel
Image: Cracks on road near Tehri Garhwal Chamba Tunnel

टिहरी गढ़वाल: विकास कार्यों के निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। लगभग हमेशा आरोप एवं शिकायतें सही भी पाई जाती हैं। कई बार सड़कें बिना किसी शिकायत के खुद ही गुणवत्ता की पोल खोल देती हैं। ऐसी ही एक कहानी टिहरी के ऋषिकेश-गंगोत्री मोटर मार्ग चंबा पर बनाई गई चंबा टनल के पास की सड़क बयां कर रही है। टिहरी के राष्ट्रीय राजमार्ग 94 ऋषिकेश-गंगोत्री मोटर मार्ग चंबा के पास बनाई गई चंबा टनल के पास सड़क पर दरार पड़ गई है। उद्घाटन से पहले ही सड़क की हालत खराब हो गई है। दरअसल ऋषिकेश गंगोत्री मोटर मार्ग चंबा के पास ऑस्ट्रेलियन तकनीकी से बनाई गई चंबा टनल के पास सड़क पर दरार पड़ गई है जिससे यह साफ साबित हो गया है कि विकास के नाम पर जनता के साथ एक बड़ा और भद्दा मजाक किया जा रहा है। सड़क पर दरार आने से भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा किए गए घटिया निर्माण की पोल पट्टी भी खुल चुकी है। सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक इस सड़क का उद्घाटन भी नहीं हुआ है और उससे पहले ही यहां पर कंस्ट्रक्शन कंपनी की असलियत दिख गई है।

यह भी पढ़ें - देहरादून: एक तरफ कोरोना से मर रहे लोग..दूसरी तरफ डीजे पार्टी में मस्त हैं साहबजादे
दरअसल इस समय उत्तराखंड में तेज बारिश हो रही है और ऑल वेदर परियोजना के तहत चंबा बाईपास रोड को जाने वाले मार्ग का पुष्ता भारी बरसात से भरभरा कर टूट गया है और वहां दरार पड़ गई है। इस कारण यमुनोत्री, उत्तरकाशी गंगोत्री और थौलधार क्षेत्र में जाने वाले यात्रियों को चंबा बाजार से होते हुए जाना पड़ रहा है और पुलिस और तहसील प्रशासन में दरार पड़े हुए इस मार्ग को बंद कर दिया है और वहां पर बैरिकेडिंग लगा दी है..बीआरओ के अधीन भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा इस मार्ग का निर्माणकार्य किया गया था और इस हादसे के साथ यह तो साबित हो गया है कि ऑल वेदर परियोजना के तहत निर्माण कार्य कर रही कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा कितनी घटिया किस्म की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही कारण है कि बीते 3 से 4 दिनों से हो रही लगातार बारिश को भी चंबा बाईपास मार्ग का पुश्ता झेल न सका और भरभरा कर ढह गया है। इस मार्ग का अभी तक उद्घाटन भी नहीं हुआ है लेकिन उससे पहले ही यहां पर दरार पड़ गई है और सड़क का तकरीबन 100 मीटर हिस्सा पूरी तरह से अंदर धंस गया है।

यह भी पढ़ें - रुद्रप्रयाग में घोर लापरवाही..1 गांव में 61 लोग कोरोना पॉजिटिव..स्वास्थ विभाग, प्रशासन मौन
इससे ऑल वेदर परियोजना के तहत कार्यदाई कंपनियों की पोल पट्टी खुल चुकी है और उनके द्वारा की जा रही धांधली के ऊपर से भी पर्दा फाश हो चुका है। गुल्डी गांव के पूर्व प्रधान सोमवीर सजवान का कहना है कि केवल सड़कों पर ही नहीं बल्कि हाईवे पर भी जगह-जगह पुष्तें एवं दीवारों के टूटने का सिलसिला भी जारी है.. ऑल वेदर सड़क परियोजना के तहत जिन भी कंस्ट्रक्शन कंपनियों को निर्माण कार्य का दायित्व सौंपा गया है उनकी ओर से भारी लापरवाही की जा रही है जिसकी एक बड़ी कीमत उत्तराखंड को चुकानी पड़ सकती है। उनका कहना है कि कार्यदाई संस्थाओं में डंपिंग जोन बनाने में भारी अनियमितता और लापरवाही बरती है जिस कारण दीवारें और पुष्तें कुछ दिनों की बरसात तक नहीं झेल पा रहे हैं और भरभरा कर गिर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार समेत जिलाधिकारी से भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा किए जा रहे कार्यों की जांच करने की सख्त मांग की है। फिलहाल चंबा टनल के पास जिस सड़क पर दरार पड़ी है उस सड़क को बंद कर वहां पर बैरिकेडिंग लगा दी गई है और वहां से आवाजाही भी बंद करवा दी गई है।