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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद अब 18 मई को प्रातः बाबा बदरीनाथ के कपाट भी खुल जायेंगे। भगवान बदरी विशाल शीतकालीन प्रवास के लिए 6 महीने जोशीमठ में रहते हैं। इसके बाद ग्रीष्मकालीन प्रवास के लिए वह बदरी धाम चले आते हैं। माना जाता है कि बदरीनाथ धाम में 6 महीने पूजा का अधिकार मनुष्यों को है और 6 महीने पूजा का अधिकार देवताओं को है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। शीतकाल आते ही मनुष्य बद्रिकाश्रम को छोड़कर वापस आ जाते हैं और उस वक्त कहा जाता है कि वहां देवता गण पूजा करते हैं। ग्रीष्म काल के दौरान बाबा बदरीविशाल वापस बद्रिकाश्रम चले जाते हैं और मनुष्यों द्वारा उनकी पूजा होती है। बाबा बदरी विशाल के कपाट खोलने की तैयारियां जोरों पर हैं। फूलों से भगवान के मंदिर को सजाया गया है और ये तस्वीरें वास्तव में मन मोह लेती हैं। आगे देखिए तस्वीरें
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