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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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चमोली: मन में जीवन जीने की इच्छा हो तो बड़ी से बड़ी बीमारी भी घुटने टेक देती है। चमोली की रहने वाली 105 वर्षीय महिला ने इसे बखूबी साबित किया है। दृढ़ इच्छाशक्ति वाली बुद्धि देवी ने 20 दिन में कोरोना को हराकर दूसरों की हिम्मत बांधी है। उन्होंने अपनों के प्यार और देखभाल के दम पर न सिर्फ कोरोना से जंग लड़ी, बल्कि इस बीमारी पर जीत भी हासिल की। रविवार को कोरोना जांच में नेगेटिव आने पर सीएचसी गैरसैंण के स्वास्थ्यकर्मी उनके घर पहुंचे और माला पहना कर उनका अभिनंदन किया। स्वास्थ्यकर्मियों ने उनके लंबे जीवन के लिए प्रार्थना भी की। 105 बसंत देख चुकी बुद्धि देवी गैरसैंण के वार्ड नंबर 1 में रहती हैं। 26 अप्रैल को उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई। बुखार के साथ खांसी की शिकायत होने लगी। उस वक्त घर में सिर्फ पौत्रवधू ही मौजूद थी। घर के अन्य सदस्य शादी समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गए थे।