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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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टिहरी गढ़वाल: इंसान अक्सर ऐसी लापरवाही कर देता कि उसे बाद में होने वाले बड़े विनाश का इल्म नहीं होता। प्रकृति से खिलवाड़ कितना खतरनाक है, ये प्रकृति इंसान को बार बार समझाती रही है। लेकिन इंसान आखिर कब समझेगा? इस बीच टिहरी गढ़वाल के पास से एक बड़ी खबर है। कैंपटी-अग्यरना-थत्यूड़ मोटर मार्ग के कफल्टा गदेरे के पास लगातार भूस्खलन होने के कारण आसपास के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कफल्टा गदेरे के पास पर सड़क निर्माण से बने इस भूस्खलन जोन को लेकर कई बार पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन मामले को लेकर अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता जय प्रकाश नौटियाल ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई के के काम में लोगों द्वारा सड़क का मलबा गदेरे में डाल दिया गया। जिसके कारण गदेरे मे झील बननी शुरू हो गयी। अब लगातार बारिश से गदेरे में पानी का बहाब बढ़ रहा है। नई मुश्किल ये खड़ी हो गई है कि जलभराव से गदेरे में झील बन गई है। झील में भारी पानी इकठ्ठा हो रहा है। वक्त रहते अगर चेते नहीं तो रिसाव के कारण नीचे बाजार, इंटर कॉलेज और लोगों के आवासीय भवनों को नुकसान हो सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता जय प्रकाश नौटियाल ने मांग की है कि जल्द से जल्द उक्त मलबे को हटाया जाए। गदेरे में पानी के निरंतर बहाव के लिए क्रेट वायर से चेक डैम दीवार बनाई जाए और गदेरे को खोला जाए। उधर पीएमजीएसवाई की अवर अभियंता का कहना है कि जो पानी गदेरे में इकट्ठा हो रहा है, उसे भी समय-समय पर खोला जा रहा है।
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