Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
चमोली: चमोली में लगातार जारी बारिश के चलते धौलीगंगा नदी एक बार फिर उफान पर है। तपोवन-रैणी क्षेत्र में जिस तरह के हालात बने हुए हैं, उसने ग्रामीणों को बुरी तरह डरा दिया है। यहां धौलीगंगा का जलस्तर बढ़ने से भंग्यूल स्थित झूला पुल का एबेटमेंट बहने से उसका एक हिस्सा लटक गया है। पुल की हालत देख ग्रामीण सहमे हुए हैं। डर के मारे उन्हें रात को नींद भी नहीं आ रही। बता दें कि तपोवन-रैणी वही इलाका है, जहां बीते 7 फरवरी को ग्लेशियर फटने के बाद जल प्रलय आई थी। इस जल प्रलय से पूरे इलाके में हाहाकार मच गया था। पानी का वेग इतना ज्यादा था कि तमाम लोग लापता हो गए। बाद में इनमें से कई के शव बरामद हुए थे। कई लोगों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। आपदा के दौरान भंग्यूल स्थित झूला पुल भी सैलाब की भेंट चढ़ गया था। तब उसकी जगह लोनिवि ने नए पुल का निर्माण कराया।