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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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नैनीताल: शादी-ब्याह का मौका ज्यादातर लोगों की जिंदगी में एक ही बार आता है। हर दुल्हन चाहती है कि वो इस मौके पर सुर्ख लाल जोड़े में तैयार हो, लेकिन कोरोना काल में शादी करने वाली दुल्हनों की ये हसरत पूरी नहीं हो पा रही। एक साल पहले तक किसने सोचा था कि एक दिन ऐसा भी आएगा, जब दूल्हा-दुल्हन को शादी के जोड़े में नहीं पीपीई किट पहनकर सात फेरे लेने पड़ेंगे, लेकिन अब यही हो रहा है। पीपीई किट पहनकर हुई शादी की ऐसी ही कुछ तस्वीरें नैनीताल के कोटाबाग से आई हैं। यहां शादी से ठीक पहले दुल्हन की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई। इस बात की जानकारी जब दूल्हे के परिजनों को मिली तो घर में कोहराम मच गया। पहले शादी टालने पर विचार किया गया, लेकिन सभी तैयारियां हो चुकी थीं। ऐसे में वर पक्ष ने कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए शादी की रस्में निभाने का फैसला किया। फिर क्या था दूल्हे समेत पूरी बारात पीपीई किट पहनकर दुल्हन के घर पहुंच गई। वहां शादी की रस्में निभाई गईं। शादी की रस्में तो पूरी हो गईं, लेकिन दुल्हन की विदाई नहीं हो सकी।