सोमवार को हल्दी की रस्म हुई। दुल्हन को हल्दी लगाई गई। अगले दिन बारात आनी थी, लेकिन बेटी की विदाई से पहले ही रिटायर्ड सूबेदार छत्तर सिंह इस दुनिया से विदा हो गए।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: Father dies before his daughter marriage in Champawat
चम्पावत: उत्तराखंड का सीमांत जिला चंपावत। रिटायर्ड आईटीबीपी कर्मी छत्तर सिंह यहां कोलीढेक में परिवार के साथ रहा करते थे। 25 मई को उनकी लाडली बेटी की शादी होनी थी, लेकिन बेटी को ससुराल विदा करने से ठीक पहले छत्तर सिंह कोरोना संक्रमित हो गए। उनकी जिद पर बिटिया की शादी तय तिथि पर करने का फैसला लिया गया। सोमवार को हल्दी की रस्म हुई। दुल्हन को हल्दी लगाई गई। अगले दिन बारात आनी थी। मंगलवार सुबह दूल्हा पक्ष के लोग घर से निकलने ही वाले थे, कि तभी पता चला कि कोरोना संक्रमित छत्तर सिंह का निधन हो गया है। ये मनहूस खबर मिलते ही दोनों घरों में मातम पसर गया। छत्तर सिंह की बेटी गहरे सदमे में है, उसके दर्द को हम शब्दों में बयां नहीं कर सकते। कोरोना काल में हर दिन दिल को झकझोर देने वाली खबरें सुनाई दे रही हैं। परिवार की खुशियों को कोरोना का काली नजर लग गई है। कोलीढेक में भी बेटी की शादी वाले दिन ही पिता की दुखद मृत्यु हो गई।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: शादी के ठीक पहले दुल्हन मिली कोरोना पॉजिटिव..PPE किट पहनकर लिए 7 फेरे
जिस घर से बेटी की डोली विदा होनी थी, वहां से पिता की अर्थी निकली। 63 साल के छत्तर सिंह आईटीबीपी से रिटायर्ड थे। हर पिता की तरह उन्होंने भी अपनी लाडली बिटिया की विदाई का सपना देखा था, लेकिन जिस दिन ये सपना पूरा होना था, उसी दिन छत्तर सिंह दुनिया से विदा हो गए। कोरोना संक्रमण से जूझ रहे छत्तर सिंह की सोमवार रात मौत हो गई। मंगलवार 25 मई को उनकी बेटी की शादी होनी थी। हल्दी की रस्म हो गई थी। मंगलवार को खटीमा से दूल्हे के पक्ष के पांच लोग दुल्हन के घर आने वाले थे, तभी दुल्हन के पिता की मौत की खबर आ गई। पल भर में बेटी की शादी की खुशियां मना रहे परिवार में कोहराम मच गया। पूरा माहौल गमगीन हो गया। पिता की मौत के बाद बेटी की शादी टाल दी गई। इस घटना से हर कोई सदमे में है। क्षेत्र में मातम पसरा है।