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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: बीती 7 फरवरी को चमोली में जो हुआ उसके बारे में सोच कर ही रूह कांप जाती है। पल भर में चमोली जिले के तपोवन में सब कुछ तबाह हो गया। चमोली जिले में ऋषि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण भयानक जल प्रलय आई जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई और कई परिवारों के चिराग बुझ गए। अभी तक चमोली जिले में आई आपदा के जख्म भरे नहीं हैं इसी बीच चमोली जिले में एक बार फिर से खतरे के संकेत दिखाई दे रहे हैं। जिले के ऊपर एक बार फिर से संकट मंडरा रहा है। रैणी गांव में बीती 7 फरवरी को आई आपदा के बाद उसी क्षेत्र में बने ग्लेशियर में भी दरारें दिख रही हैं। ऋषि गंगा के उद्गम क्षेत्र के ग्लेशियर में दरारें देखने के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को इस बात की सूचना दी और सूचना पर जिला प्रशासन ने आईटीबीपी और एसडीआरएफ को अलर्ट कर दिया है और उनको मॉनिटरिंग के निर्देश दे दिए हैं। आपदा ग्रसित क्षेत्र के ग्लेश्यिर में दरारें दिखना चिंताजनक है जिसके बाद जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। अनहोनी की आशंका के बाद पूरे क्षेत्र में फोर्स को अलर्ट रहने के निर्देश दे दिए हैं.