उत्तराखंड के जवान का लखनऊ में ड्यूटी पर निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

हवलदार जगत सिंह दुग-नाकुरी तहसील के पपोला गांव के रहने वाले थे। लखनऊ में ड्यूटी के दौरान वो अपने कमरे में लगा कूलर ठीक कर रहे थे, इसी दौरान वो करंट की चपेट में आ गए।
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Bageshwar News: Bageshwar Havildar Jagat Singh Dug passed away in Lucknow
Image: Bageshwar Havildar Jagat Singh Dug passed away in Lucknow

बागेश्वर: बागेश्वर जिले में एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जो कि हर किसी को परेशान कर देगी। यहां सेना के हवलदार की ड्यूटी के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले हवलदार जगत सिंह (42) पुत्र ठाकुर सिंह लखनऊ में तैनात थे। रविवार को वो कमरे में कूलर ठीक कर रहे थे। इस दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां उनकी मौत हो गई । सोमवार को सेना के एक वाहन से उनका शव उनके गांव पहुंचाया गया। मंगलवार को देर शाम सरयू संगम पर सैन्य सम्मान के साथ हवलदार जगत सिंह को अंतिम विदाई दी गई। घटना के बाद जवान के घर और गांव में मातम पसरा है। परिजनों के आंसू नहीं थम रहे। हवलदार जगत सिंह दुग-नाकुरी तहसील के पपोला गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में उनकी ड्यूटी 71 ब्रिगेड थर्ड नागा मध्य कमान हेडक्वार्टर लखनऊ में थी।

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सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी आरसी तिवारी ने बताया कि बीते दिनों जगत सिंह ड्यूटी के दौरान बाहर गए थे। लौटने के बाद उन्हें एक सप्ताह के लिए होम क्वारेंटीन किया गया था। रविवार की शाम वह कमरे में कूलर ठीक कर रहे थे। इस दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। साथी जवान उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले गए, लेकिन जगत सिंह बच नहीं सके। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हवलदार जगत सिंह के निधन का समाचार जैसे ही उनके घर पहुंचा, वहां कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चे अब तक सदमे में हैं। हवलदार जगत सिंह के दो बेटे हैं, दोनों हल्द्वानी में पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी पत्नी भी बच्चों के साथ हल्द्वानी में रहती हैं। सोमवार को उनका शव सेना के वाहन से उनके गांव पहुंचाया गया। यहां अल्मोड़ा से पहुंची सिख रेजीमेंट की टुकड़ी ने उन्हें अंतिम सलामी दी। सरयू संगम पर भाई गोकुल सिंह ने चिता को मुखाग्नि देकर जगत सिंह को अंतिम विदाई दी।