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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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श्रीनगर गढ़वाल: हमने आपको बताया था कि इससे पहले वहां काम कर रहे इंजीनियर धारी देवी की शरण में गए थे। अब इसे अविश्वसनीय ही कह सकते हैं कि आज 3 दिन से बंद पड़ा हाईवे छोटे वाहनों के लिए खुल गया है। कहते हैं जहां इंसानी सोच और मशीनों की ताकत फेल हो जाती है, वहां आस्था और प्रार्थनाएं जीत जाती है। अब उत्तराखंड में ही देख लें। यहां बारिश-भूस्खलन से ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हुआ तो लोनिवि के अधिकारी मां धारी देवी की शरण में पहुंच गए। ईटीवी की खबर क मुताबिक अधिशासी अभियंता बीएल मिश्रा धारी देवी मंदिर में पहुंचे थे और प्रसाद चढ़ाकर वहां पूजा-अर्चना की थी। इसके बाद आज एक सुखद खबर सामने आई है। मलबा आने की वजह से बंद आवागमन को अब 3 दिन बाद छोटे वाहनों के लिए खोला जा सका है। हालाकि यहां मौजूद भारी वाहन अभी भी आवागमन सुचारू होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि सच ये भी है कि पिछले दिनों उत्तराखंड में जो भी नई सड़कें बनीं या जिन सड़कों का विस्तार हुआ उन्हें अनियोजित ढंग से बनाया गया। ब्लास्ट से हिमालय क्षेत्र की कमजोर पहाड़ियां हिल गईं। सड़क निर्माण के लिए लाखों पेड़ काटे गए। इसके गंभीर नतीजे बार-बार होने वाले भूस्खलन के रूप में हमारे सामने हैं। जगह-जगह सड़कें बंद हैं। कुदरत के सामने हार मान चुके इंजीनियर भी अब भगवान की शरण में पहुंच कर मदद मांग रहे हैं, ताकि सड़क निर्माण के काम में किसी तरह की बाधा न आए।