उत्तराखंड में कोरोना के बाद पैर पसार रहा है ब्लैक फंगस, 380 से ज्यादा मरीज मिले..60 मौत

बीते शनिवार को देहरादून जिले में ब्लैक फंगस के 11 नए मामले सामने आए जबकि 2 मरीजों की मृत्यु दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक म्यूकरमाइकोसिस के 380 मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं।
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uttarakhand black fungus: 380 patients of black fungus in uttarakhand
Image: 380 patients of black fungus in uttarakhand

देहरादून: कोरोना के केस कम हुए तो प्रदेश में ब्लैक फंगस के केस तेजी से बढ़ने लगे। उत्तराखंड में लगातार म्यूकरमाइकोसिस के केस सामने आ रहे हैं इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई है। बीते शनिवार को देहरादून जिले में 11 नए मामले सामने आए जबकि 2 मरीजों की मृत्यु दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक म्यूकरर्माइकोसिस के 380 मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं जबकि 60 मरीजों ने दम तोड़ दिया। सबसे अधिक बुरे हाल राजधानी देहरादून के हो रखे हैं। पूरे प्रदेश में 380 में से 342 मरीज केवल राजधानी देहरादून में ही मिले हैं। देहरादून में बीते शनिवार को 11 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई जबकि 2 मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ब्लैक फंगस से होने वाली मृत्यु का आंकड़ा भी देहरादून जिले में काफी अधिक है। पूरे प्रदेश में अब तक 60 मरीज इस फंगस के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं जिनमें से 53 मौतें केवल देहरादून जिले में हुई हैं।

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नैनीताल, उधम सिंह नगर, उत्तरकाशी और हरिद्वार जिले में अबतक इस फंगस के कारण 7 मौतें दर्ज हुई हैं। आपको बता दें कि इन चारों जिलों में अब तक कुल 38 मरीज मिले हैं। हालांकि ब्लैक संघर्ष अगर शुरुआती स्टेज में पकड़ लिया जाए तो उसका इलाज संभव होता है। मगर समस्या यह आ रही है कि ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन लाइपोसोमल मिल नहीं पा रहा है जिस कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है और मरीजों की हालत बिगड़ रही है। देहरादून जिले की बात करें तो विभिन्न अस्पतालों में इस फंगस के तमाम मरीज भर्ती हो रखे हैं और रोज इस इंजेक्शन के लिए मरीज दर-दर भटक रहे हैं मगर उनके हाथ केवल और केवल मायूसी लग रही है। देहरादून जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अनूप कुमार ने बताया कि राज्य सरकार को लिपोसोमल इंजेक्शन की डिमांड भेज दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही स्वास्थ्य विभाग को सरकार की ओर से जीवन रक्षक इंजेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।