उत्तराखंड शासन की बड़ी कार्रवाई, अनुशासनहीनता के चलते PWD इंजीनियर सस्पेंड

ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर को लोनिवि के सचिव आरके सुधांशु ने किया सस्पेंड। जानिए पूरा मामला
Advertisement भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Government of Uttarakhand: PWD engineer suspended in Uttarakhand
Image: PWD engineer suspended in Uttarakhand

चमोली: उत्तराखंड से बड़ी खबर सामने आ रही है। अब राज्य में मुफ्त की रोटी तोड़ने वाले सरकारी कर्मचारियों की खैर नहीं। ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों को सबक सिखाने में प्रशासन ढिलाई नहीं कर रहा है। कई सरकारी कर्मचारियों के ऊपर लापरवाही बरतने के आरोप लगने के बाद उनके खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त से सख्त कार्यवाही की जा रही है। लोक निर्माण विभाग के एक इंजीनियर को भी ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतना भारी पड़ गया। आरोपी इंजीनियर को सस्पेंड करने के आदेश दे दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव आरके सुधांशु ने लापरवाही बरतने वाले इंजीनियर को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें के अधिशासी अभियंता पर और भी कई अन्य गंभीर आरोप लगे हैं जिनकी जांच की जा रही है। आरके सुधांशु ने जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है। आगे मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है और उनके ऊपर लगे आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है.

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: गंगा में डूबे मुंबई के 3 पर्यटक, एक युवती का शव बरामद..दो की तलाश जारी
चलिए आपको पूरे मामले की संक्षिप्त जानकारी देते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार द्वितीय अधिशासी अभियंता दीपक कुमार का आपदा खंड चमोली से निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग थराली में ट्रांसफर किया गया था। दीपक कुमार के ऊपर ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने और आदेशों का पालन नहीं करने के गंभीर आरोप लगे। जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत ही इस पर सख्त एक्शन लेते हुए और आचरण नियमावली के अंतर्गत प्रावधानों का उल्लंघन करने के चलते अनुशासित कार्यवाही की है। लोक निर्माण विभाग के सचिव आरके सुधांशु ने बताया की फिलहाल अधिशासी अभियंता दीपक कुमार को सस्पेंड किया गया है और मामले की जांच पड़ताल के बाद अगर उनके ऊपर लगे अन्य गंभीर आरोप सिद्ध होते हैं तो भविष्य में उनके खिलाफ और भी अधिक कड़ी कार्यवाही की जा सकती है।