सोमेश्वर में मकान की छत गिरने से छह लोग मलबे में दब गए। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके पति समेत 5 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
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Komal Negi
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Image: House collapsed after heavy rain in Almora
अल्मोड़ा: उत्तराखंड में मानसून के साथ आई मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। शुक्रवार को देहरादून समेत राज्य भर में बादल छाए हुए हैं, कई जगह बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी इलाकों में आफत की बारिश से लोग बेहाल हैं। जगह-जगह हादसे हो रहे हैं। इस बीच एक बड़े हादसे की खबर कुमाऊं क्षेत्र से आ रही है। जहां अल्मोड़ा जिले में मकान की छत गिरने से छह लोग मलबे में दब गए। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके पति समेत 5 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायल लोगों को इलाज के लिए बेस हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। हादसा सोमेश्वर क्षेत्र के सुतोली गांव में हुआ, जो कि जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर है। यहां तड़के एक मकान की छत ढह गई। हादसे में एक महिला को गंभीर चोट लगी थी, जिसकी बाद में मौत हो गई। बागेश्वर में बारिश से दो मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। यहां चार मोटर मार्ग बंद है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कुल मिलाकर उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून की बारिश आफत का सबब बनी हुई है। लगातार हो रहे भूस्खलन की वजह से दर्जनों मार्ग बार-बार ब्लॉक हो रहे हैं। आगे पढ़िए
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बदरीनाथ हाईवे और मलारी मार्ग भी भूस्खलन की वजह से बंद रहे। अब इन रास्तों पर आवाजाही शुरू हो गई है, लेकिन पहाड़ से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है। गौरीकुंड हाईवे बांसवाड़ा के पास बंद पड़ा है। दून-दिल्ली हाईवे भी मोहंड के पास चट्टान दरकने से करीब सवा घंटे तक बाधित रहा। उधर चमोली में मलारी, नीती हाईवे तीन दिन बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। यहां सेना, आईटीबीपी के अलावा स्थानीय वाहन तीन दिन से फंसे थे। मुसीबत के वक्त में सुरांईथोटा, फाख्ती, लाटा और पगरासू के ग्रामीण रास्तों में फंसे राहगीरों के लिए मददगार बनकर आगे आए। ग्रामीणों ने सौ से ज्यादा राहगीरों को न सिर्फ अपने घरों में शरण दी, बल्कि उनके लिए भोजन की व्यवस्था भी की। जुम्मा और तमक जैसे गांवों ने भी राहगीरों को अपने गांवों में शरण दी। मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल बारिश से राहत नहीं मिलेगी। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।