बड़ी खबर: उत्तराखंड में 16 अगस्त से खुलेंगे 6 से 8वीं तक के स्कूल, पढ़िए पूरी गाइडलाइन

16 अगस्त से जूनियर हाईस्कूल में कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। कक्षा छह से 8वीं में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल में एंट्री दी जाएगी। स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
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Uttarakhand School Opening: Schools will open up to class 8 in Uttarakhand from August 16
Image: Schools will open up to class 8 in Uttarakhand from August 16

देहरादून: कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच उत्तराखंड में स्कूलों का संचालन होने लगा है। प्रदेश में कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के छात्र स्कूल जाने लगे हैं। अब दूसरे चरण में जूनियर स्कूलों को खोलने की तैयारी है। 16 अगस्त से जूनियर हाईस्कूल में कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। कक्षा छह से लेकर 8वीं में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल में एंट्री दी जाएगी। बच्चों की सुरक्षा सरकार के लिए पहली प्राथमिकता है, इसलिए स्कूलों में सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम पुख्ता किए जा रहे हैं। प्रदेश के 4100 जूनियर हाईस्कूलों में सरकार की ओर से सैनेटाइजर, मास्क आदि मुहैया कराए जाएंगे। छठी से आठवीं स्तर के 5234 स्कूलों में से 4156 के लिए सरकार ने विशेष कोविड बजट जारी किया है। इन स्कूलों की भोजनमाताओं के लिए एप्रेन, हेड कवर और दस्ताने भी दिए जाएंगे। एसपीडी बंशीधर तिवारी ने इसके आदेश जारी किए। स्कूलों को छात्र संख्या के अनुसार 400 से एक हजार रुपये की विशेष ग्रांट दी गई है। आपको बता दें कि राज्य में 16 से 25 छात्र संख्या के 961 स्कूल हैं। जबकि 1549 स्कूलों में 26 से 50 छात्र संख्या है। इसी तरह 51 से 100 छात्र संख्या वाले स्कूलों की संख्या 1076 है। आगे पढ़िए

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429 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें 100 से 200 तक छात्र पढ़ते हैं। राज्य में 201 से ज्यादा छात्र वाले 141 स्कूल हैं। पहले चरण में राज्य सरकार ने 2 अगस्त से नवीं से 12 वीं तक के स्कूल खोले थे। अब जूनियर स्कूलों को खोलने की तैयारी है। कोविड संक्रमण को देखते हुए इस संबंध में एसओपी जारी कर दी गई है। जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि कोई छात्र बिना मास्क स्कूल आता है तो ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल को मास्क की व्यवस्था करनी होगी। स्कूल खुलने के दौरान सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। दरअसल, स्कूल खोलने के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने के कारण विभाग पर एसओपी पालन को लेकर अतिरिक्त दबाव है। इसे देखते हुए सभी स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा रहा है।