घोड़ाखाल सैनिक स्कूल के छात्र रहे मेजर पांडे को मिला शौर्य चक्र, जानिए उनकी वीरता की कहानी

घोड़ाखाल सैनिक स्कूल के भूतपूर्व छात्र रहे मेजर अरुण कुमार पांडे को मिला शौर्य चक्र वीरता सम्मान, पिछले वर्ष जम्मू-कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान 2 आतंकवादियों को किया था ढेर
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Major Arun Kumar Pandey: Major Arun Kumar Pandey got Shaurya Chakra
Image: Major Arun Kumar Pandey got Shaurya Chakra

नैनीताल: उत्तराखंड के घोड़ाखाल सैनिक स्कूल के छात्र ने एक बार फिर नैनीताल समेत समस्त प्रदेश को गौरवान्वित किया है। आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर घोड़ाखाल सैनिक स्कूल भूतपूर्व के छात्र रहे मेजर अरुण कुमार पांडे को शौर्य चक्र वीरता सम्मान मिला है। उन्होंने पिछले वर्ष जून में जम्मू-कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान 2 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। उन्हें शौर्य चक्र वीरता सम्मान मिलने के बाद घोड़ाखाल स्कूल के सभी छात्र मेजर पांडे को बधाई दे रहे हैं। बता दें कि नैनीताल का घोड़ाखाल सैनिक स्कूल से शुरुआत से ही कई जाबांज सैनिक निकले हैं जो भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं। इतिहास गवाह रहा है कि सैन्य गतिविधियों में वह नंबर वन रहा है। अरुण पांडे मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं और उन्होंने 2006 में घोड़ाखाल स्कूल से शिक्षा प्राप्त की थी। पिछले वर्ष जम्मू-कश्मीर में 2 आतंकवादियों को ढेर करने के बाद आज उनको शौर्य चक्र वीरता सम्मान मिला है.

यह भी पढ़ें - गढ़वाल की उड़नपरी अंकिता को ‘ऑल द बेस्ट’ कहें, वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश के लिए दौड़ेगी
सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की सैन्य परंपरा का पालन करते हुए हर साल कई छात्र भारतीय सेना का हिस्सा बनते हैं। नैनीताल में स्थित सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की स्थापना 21 मार्च 1966 में हुई थी। यह स्कूल सैनिक स्कूल सोसायटी चलाती है जो कि रक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अधीन कार्यरत है। देश के सभी सैनिक स्कूलों की भांति ही घोड़ाखाल सैनिक स्कूल का लक्ष्य भी अधिक से अधिक छात्रों को सेना में भर्ती कराने का होता है। इस स्कूल ने देश को सर्वाधिक सैन्य अधिकारी दिए हैं। केवल इतना ही नहीं इस स्कूल को 9 बार रक्षा मंत्री ट्रॉफी भी मिली है। पिछले साल संसद में जारी आंकड़ों की बात करें तो पूरे देशभर में मौजूद सभी सैनिक स्कूलों को पछाड़ कर घोड़ाखाल सैनिक स्कूल ने पिछले 10 सालों में भारतीय सेना को सबसे ज्यादा सैन्य अधिकारी दिए हैं। पिछले 10 साल से घोड़ाखाल सैनिक स्कूल से हर साल 33.4 प्रतिशत विद्यार्थी एनडीए, नेवल एकेडमी और मिलिट्री एकेडमी को ज्वाइन करते हैं।