उत्तराखंड पुलिस के लिए दुखद खबर, हरिद्वार के बाद नैनीताल में सिपाही ने की खुदकुशी

मरने वाले जवान की शिनाख्त 52 साल के दिलीप सिंह बोरा के रूप में हुई। वो मूलरूप से सोमेश्वर के रहने वाले थे। खुदकुशी की वजह का पता नहीं चल पाया है।
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Haldwani Police Jawan: Police jawan commits suicide in Haldwani
Image: Police jawan commits suicide in Haldwani

हल्द्वानी: गुरुवार का दिन उत्तराखंड पुलिस के लिए दो बुरी खबरें लाया। सुबह काशीपुर में हुए सड़क हादसे में एसआई पवन भारद्वाज की दर्दनाक मौत हो गई। अब एक बुरी खबर नैनीताल के हल्द्वानी से आई है। जहां मेडिकल चौकी परिसर में पुलिस के जवान ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। जवान की मौत से हर कोई सन्न है। सहकर्मी भी समझ नहीं पा रहे कि आखिरकार पुलिस के जवान ने जान क्यों दी। मरने वाले जवान की शिनाख्त 52 साल के दिलीप सिंह बोरा के रूप में हुई। वो मूलरूप से सोमेश्वर के रहने वाले थे। दिलीप सिंह बोरा 1989 में पुलिस में भर्ती हुए थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 11 जुलाई को 52 वर्षीय दिलीप सिंह बोरा का ट्रांसफर बेतालघाट पुलिस थाने से हल्द्वानी कोतवाली में किया गया था, लेकिन वो इसके बाद करीब नौ दिन तक गायब रहा।

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बाद में दिलीप सिंह बोरा को भोटिया पड़ाव चौकी में तैनाती दे दी गई। यहां ज्वाइनिंग देने के बाद दिलीप 12 दिन के अवकाश पर चला गया था। कांस्टेबल दिलीप मेडिकल पुलिस चौकी के परिसर में बनी पुलिस बैरक के एक कमरे मे रहा करता था। आज सुबह उसने कमरे की छत पर लगे कुंडे से एक रस्सी बांधी और फांसी लगा ली, लेकिन रस्सी कमजोर होने के कारण टूट गई। जब तक आसपास के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तब तक दिलीप सिंह बोरा की मौत हो चुकी थी। जवान ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, फिलहाल इसे लेकर कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने जवान के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। फिलहाल पुलिस परिजनों के आने का इंतजार कर रही है। आपको बता दें कि बीते दिन हरिद्वार में भी ट्रेजरी में तैनात सिपाही ने सरकारी राइफल से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। उसके साथियों ने बताया कि सिपाही सुनील कुमार बेटे के एक्सीडेंट के बाद डिप्रेशन में थे। इसके चलते उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।