बड़ी खबर: अब उत्तराखंड में 5वीं तक के स्कूल खोलने की तैयारी

यूपी में 5वीं तक के स्कूल खोल दिए गए हैं। ऐसे में निजी स्कूल संचालकों का मानना है कि अब प्रदेश में भी कक्षा 1 से 5वीं तक के स्कूल खोल दिए जाने चाहिए।
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Uttarakhand Schools: Preparation to open schools up to 5th standard in Uttarakhand
Image: Preparation to open schools up to 5th standard in Uttarakhand

देहरादून: कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच उत्तराखंड में स्कूलों का संचालन होने लगा है। पहले चरण में 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल खोले गए। दूसरे चरण में जूनियर कक्षाओं के छात्रों को स्कूल में एंट्री मिल गई। अब पांचवी तक के स्कूलों को खोलने पर विचार हो रहा है। सूत्रों की मानें तो उत्तराखंड में पहली से पांचवीं तक के स्कूल जल्द खुल सकते हैं। निजी स्कूल संचालकों का मानना है कि प्रदेश में अब कक्षा 1 से 5वीं तक के स्कूल खोल दिए जाने चाहिए। अगर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे निजी स्कूल संचालकों के विचारों से सहमत हो गए तो उत्तराखंड में जल्द ही कक्षा 1 से 5वीं तक के छात्रों को भी स्कूल में एंट्री मिल सकती है। मंगलवार को इस पर निजी स्कूल संचालकों की शिक्षा मंत्री संग अहम बैठक होनी है। जिसमें इस मसले पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। निजी स्कूल संचालक क्या कह रहे हैं, ये भी बताते हैं। इस बारे में प्रोग्रेसिव प्रिंसिपल स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप का कहना है कि यूपी में पांचवीं तक के स्कूल खोल दिए गए हैं। आगे पढ़िए

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ऑनलाइन पढ़ाई भी पूरी तरह से बंद की जा रही है, बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसलिए अब उत्तराखंड में भी स्कूल खोलने का वक्त आ गया है। क्योंकि, ऑनलाइन शिक्षा से बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है। मां-बाप की मदद से वे पेपर करके अच्छे अंक तो ला रहे हैं, लेकिन ज्ञान नहीं ले पा रहे। स्कूल बाकी जगहों से ज्यादा सुरक्षित हैं। मंगलवार को मंत्री से वार्ता में हम स्कूल खोलने की पैरवी करेंगे। वैसे स्कूल संचालकों ने जो बात कही है, वो काफी हद तक सही भी है। कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। पहाड़ में तो ऑनलाइन शिक्षा का भी बुरा हाल है। यहां नेटवर्क नहीं आता, बच्चे नेटवर्क ढूंढने के लिए एक पहाड़ से दूसरे पहाड़ भटक रहे होते हैं। आपको बता दें कि प्रदेश में 2 अगस्त से स्कूल खुल गए हैं। 2 अगस्त से 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोले गए। दूसरे चरण में जूनियर कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ। इंजीनियरिंग कॉलेज भी प्रदेश में खुल गए हैं। अब सरकार कक्षा 1 से 5वीं तक के छात्रों को स्कूल में एंट्री देने के मूड में है। ताकि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो।