पहाड़ से दुखद खबर, गाय चराने गए युवक पर झपटा बाघ..किस्मत से बची जान

आबादी वाले इलाकों में बाघ की बढ़ती धमक से लोग दहशत में हैं। वन अधिकारियों ने लोगों से बाघ प्रभावित इलाकों में न जाने की अपील की है।
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khateema Tiger attacks: Tiger attacks on a boy in khateema
Image: Tiger attacks on a boy in khateema

हल्द्वानी: उत्तराखंड में जंगली जानवरों और इंसानों के बीच संघर्ष के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पहाड़ में गुलदार और हाथियों का आतंक चरम पर है, तो वहीं कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे इलाकों में बाघ के हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। ताजा मामला ऊधमसिंहनगर के खटीमा का है, जहां किलपुरा रेंज में बाघ ने पशु चराने गए शख्स पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। घटना तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी के किलपुरा रेंज की है। जहां शनिवार शाम बनबसा निवासी किशोर पांडेय पशुओं को चराने के लिए जंगल गए हुए थे। इसी दौरान घात लगाए बाघ ने पशुपालक पर हमला कर दिया। घायल की चीख-पुकार सुनकर उसके साथी और वनकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल शख्स को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। वन क्षेत्राधिकारी जीवन चंद्र उप्रेती ने बताया कि शनिवार शाम किशोर पांडेय जंगल में मवेशी चरा रहे थे, साथ में उनके कई साथी भी थे। इस बीच बाघ उन पर झपट पड़ा। साथियों ने शोर मचाकर किसी तरह बाघ को वहां से भगाया। इस तरह किशोर पांडेय की जान तो बच गई, लेकिन बाघ के हमले में वो गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायल की हालत खतरे से बाहर है। वहीं घटना के बाद वन विभाग द्वारा बाघ की तलाश में जंगल में लगातार कांबिंग की जा रही है। क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। वन अधिकारियों ने लोगों से बाघ प्रभावित इलाकों में न जाने की अपील भी की। बता दें कि चार दिन पहले कोटद्वार में कालागढ़ टाइगर वन प्रभाग (केटीआर) के अदनाला रेंज के जंगल में गश्त करते समय एक दैनिक श्रमिक पर भी बाघ ने हमला कर दिया था। घायल श्रमिक की जान बड़ी मुश्किल से बच सकी थी।
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