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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ के धारचूला में आया तबाही का सैलाब अपने पीछे कई रुलाने वाली कहानियां छोड़ गया। जामुनी तोक में हुई आपदा में 5 लोगों की जान चली गई। इनमें चंद्र सिंह भी शामिल हैं। तबाही की आहट मिलते ही चंद्र सिंह भागकर अपने भाई के घर गए और परिजनों को सचेत किया, लेकिन जब तक वो पत्नी और तीन भतीजियों को जगाने के लिए घर लौटकर आए, तब तक मौत घर के द्वार तक पहुंच गई थी। देखते ही देखते उनका मकान मलबे में तब्दील होकर सैलाब संग बह गया। जामुनी तोक में रहने वाले दो भाई चंद्र सिंह और जोगा सिंह के मकान अगल-बगल स्थित थे। रविवार रात जब मूसलाधार बारिश हुई तो काली नदी के शोर और भूस्खलन से धरती कांपने लगी। चंद्र सिंह को अनहोनी का अंदाजा हो गया था। दुर्भाग्य से उस दिन चंद्र सिंह के भाई जोगा सिंह की तीनों बेटियां अपने चाचा चंद्र सिंह के घर में सोई थीं। तेज बारिश के कारण जब पहाड़ी की ओर से मलबा आने लगा तो चंद्र सिंह की नींद खुल गई। आगे पढ़िए