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केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड.... पहाड़ों की गोद में बसा यह छोटा सा राज्य पर्यटकों के बीच खूब प्रचलित है। यहां हर वर्ष सैकड़ों पर्यटक रुख करते हैं। मगर बाहर से आने वाले लोग यहां की खूबसूरती को निहारने कम और कूड़ा कचरा अधिक फैलाने आते हैं। देखिए न, मौज मस्ती में डूबे रहने वाले लोग बाहर से आते हैं, यहां गंदगी फैलाते हैं और चले जाते हैं। इस समय तुंगनाथ धाम सहित चोपता में सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और वहां के हरे-भरे बुग्यालों में गंदगी फैला कर पर्यावरण को दूषित कर रहे हैं। पर्यटकों की लापरवाही की तरफ प्रशासन का ध्यान भी नहीं जाता और फिर मजबूरन स्थानीय लोगों को सफाई अभियान चलाना पड़ता है। तुंगनाथ धाम सहित चोपता में सैकड़ों पर्यटक एवं यात्रियों की संख्या उमड़ रही है और इसी का नतीजा है कि इको पर्यटन विकास समिति तुंगनाथ चोपता, व्यापार संघ एवं जीव टैक्सी यूनियन की ओर से संयुक्त अभियान चलाया गया और चोपता तुंगनाथ पैदल मार्च के यात्रा पड़ाव सहित तुंगनाथ धाम में स्वच्छता अभियान चलाया गया जहां पर कई कुंतल प्लास्टिक एवं कूड़े को एकत्रित कर निस्तारण के लिए चोपता मार्ग तक पहुंचाया गया।