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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चमोली: उत्तराखंड...पहाड़ों की गोद में बसा यह छोटा सा राज्य पर्यटकों के बीच खूब प्रचलित है. उत्तराखंड के प्रसिद्ध बुग्यालों में शुमार बेदनी बुग्याल को आस्था का केंद्र माना जाता है. समुद्रतल से 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक बुग्याल का अस्तित्व खतरे में है. Uttarakhand के Bedni Bugyal को wild boars ने भारी नुकसान पहुंचा दिया है। बेदनी बुग्याल को तो सुअरों ने बुरी तरह तहस-नहस कर दिया है। संभवत: ऐसा पहली बार देखने में आ रहा है, जब जंगली सुअर बुग्याल की खोदाई कर दुर्लभ जड़ी-बूटियों को नष्ट कर रहे हैं. इस मामले में डिप्टी रेंजर पूर्वी पिडर रेंज देवाल त्रिलोक सिंह बिष्ट ने बताया कि बेदनी बुग्याल में जंगली सुअर का पहुंचना किसी आश्चर्य से कम नहीं है. ऐसा पहली बार हुआ है की जंगली सुअर बुग्याल की खोदाई कर जड़ी-बूटियों को नष्ट कर रहे हैं. जिससे औषधीय पादपों के नष्ट होने के साथ वहां की घास और मिट्टी को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है. वहीँ इसकी जानकारी बदरीनाथ वन प्रभाग के अधिकारियों को दे दी गई है. साथ ही पर्यावरण प्रेमी बलवंत सिंह ने श्रीनंदा देवी राजजात के इस अहम पड़ाव को बचाने के लिए वन विभाग को तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.