उत्तराखंड: टांडा रेंज में मिला मादा हाथी का शव, पोस्टमार्टम से होगा मौत का खुलासा

हल्द्वानी के तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज के अंतर्गत ढिमरी ब्लॉक में मादा हाथी का शव मिलने से मचा हड़कंप, पढ़िए पूरी खबर
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Tanda range Elephant: Elephant dead Body found in tanda range
Image: Elephant dead Body found in tanda range

हल्द्वानी: उत्तराखंड में हाथियों की मौत एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। आए दिन प्रदेश से हाथियों की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला हल्द्वानी से सामने आया है जहां पर तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज के अंतर्गत ढिमरी ब्लॉक में एक मादा हाथी का शव मिला है। उसके बाद से ही वन महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी के शव को कब्जे में ले लिया। आपको बता दें कि मादा हाथी की उम्र 30 से 40 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। हाथी की मौत किस वजह से हुई यह वन विभाग पता लगा रहा है और हाथी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। ढिमरी ब्लॉक वन क्षेत्र में हाथी के शव मिलने की सूचना गश्त कर रहे वन कर्मियों ने दी।

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उप प्रभागीय वन अधिकारी ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने जानकारी देते हुए बताया वन कर्मियों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी के शव को कब्जे में लिया। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले हल्द्वानी की तराई केंद्रीय वन प्रभाग के पीपल पड़ाव रेंज में स्थित भूरा खता के पास रेलवे के पास ट्रेन से टकराने से एक हथिनी और उसके 6 माह के बच्चे की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि आगरा फोर्ट एक्सप्रेस काशीपुर जा रही थी कि तभी ट्रेन हाथियों के झुंड से टकरा गई और उसमें एक मादा और उसके 6 महीने के शिशु की मृत्यु हो गई। हादसे में हाथियों के झुंड में यह हाथी भी घायल हुआ जो कि जंगलों की ओर भाग गया था। उनका कहना है कि यह वही हाथी है जिसकी तलाश वन विभाग कई दिनों से कर रहा था। उन्होंने कहा कि विभाग की टीम हाथी को ट्रेस करने के लिए कई दिनों से जंगल में जुटी हुई थी और यह हाथी ट्रेन से घायल हुआ हाथी हो सकता है क्योंकि हाथी के शरीर पर पहले से ही गहरे घाव हैं। उन्होंने बताया कि हाथी के सभी अंग सुरक्षित हैं और हाथी का शव पोस्टमार्टम के लिए गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता लग पाएगा।