देवभूमि में श्रद्धालुओं से गुलजार होने लगे चार धाम, 42 हजार ई पास जारी

अभी तक 2530 तीर्थ यात्री पहुंच गये चारधाम। चार्टड हैली काप्टर सेवा से 20 तीर्थयात्री श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे।
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Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

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Char dham yatra uttarakhand: 42 thousand e pass issued for char dham yatra uttarakhand
Image: 42 thousand e pass issued for char dham yatra uttarakhand

ऋषिकेश: उत्तराखंड चारधाम यात्रा का शनिवार से शुभारंभ हो गया है।यात्रा हेतु देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर ई पास बनने का सिलसिला जारी है। अभी तक चारधाम हेतु 42 हजार से अधिक ई पास जारी किये जा चुके है। तथा 2530 से अधिक तीर्थयात्रियों ने चारधाम के दर्शन कर लिए है। उच्च न्यायालय नैनीताल ने 16 सितंबर बृहस्पतिवार को चारधाम यात्रा को लेकर हुई सुनवाई कर यात्रा शुरू करने हेतु फैसला दिया । प्रदेश सरकार एवं देवस्थानम बोर्ड ने न्यायालय के दिशा-निर्देश के अनुसार एसओपी जारी की तथा कल 18 सितंबर से चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया । चार धामों श्री बदरीनाथ, श्री केदारनाथ, श्री गंगोत्री एवं श्री यमुनोत्री धाम में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।अपने संदेश में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा के सफलतापूर्वक शुभारंभ पर प्रसन्नता जताई है। पर्यटन- धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि तीर्थयात्री चारधाम यात्रा हेतु उत्साहित है। मुख्य सचिव डा. एस. एस. संधू लगातार चारधाम यात्रा की संचालन हेतु उच्चस्तर पर निर्दैश दे रहे है..पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के अनुसार चारधाम यात्रा के साथ उत्तराखंड पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। धर्मस्व सचिव एच. सी. सेमवाल ने कहा कि यात्रा संचालन एसओपी के तहत हो रहा है। विधायक बदरीनाथ एवं उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सदस्य महेन्द्र भट्ट,एव देवस्थानम बोर्ड के सदस्य वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष डिमरी, श्रीनिवास पोस्ती, महेंद्र शर्मा कृपाराम सेमवाल, जेपी उनियाल, गोविंद सिंह पंवार, चारधाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य शिवप्रसाद ममगाई ने चार धाम यात्रा शुरु होने पर खुशी जताई। जैसाकि विदित है श्री केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800( आठ सौ) श्रद्धालुओं, बद्रीनाथ धाम में 1000 ( एक हजार) गंगोत्री में 600, ( छ: सौ) यमनोत्री धाम में कुल 400 ( चार सौ) श्रृद्धालुओं को जाने की अनुमति प्रदान की गयी है।चारधाम यात्रा हेतु उत्तराखंड से बाहर के श्रृद्धालुओं हेतु देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल http://smartcitydehradun.uk.gov.in में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है तथा ई पास हेतु देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट www.devasthanam.uk.gov.in या http:// badrinah- Kedarnath.uk.gov.in प्रत्येक श्रद्धालु को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अथवा वैक्सीन की डबल डोज लगी होने का सर्टिफिकेट जमा करना है। उत्तराखंड प्रदेश के लोगों को स्मार्ट सिटी पोर्टल में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। आगे पढ़िए

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उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में स्थित धामों होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान आवश्यक्तानुसार पुलिस बल तैनात हो गये है। मुनिकीरेती, देवप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, बड़कोट, रूद्रप्रयाग, सोनप्रयाग, जोशीमठ, पांडुकेश्वर, सहित चारों धामों के प्रवेश मार्गो से पुलिस द्वारा तीर्थयात्रा पर नजर रखी जा रही है। धामों में‌ श्रद्धालु किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर रहे है।तथा कोरोना प्रोटोकॉल एवं सामाजिक दूरी का पालन अनिवार्य किया गया है। गढ़वाल आयुक्त एवं उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि आज श्री बदरीनाथ धाम हेतु 1645, श्री केदारनाथ हेतु 2160, श्री गंगोत्री हेतु 788, तथा मयुनोत्री हेतु 598 ई पास जारी हुए। कल ओर आज तक कुल 42 हजार से अधिक ई पास जारी हुए जिनमें दिन तक श्री बदरीनाथ धाम 9989, केदारनाथ हेतु 18934, गंगोत्री हेतु 4727, यमुनोत्री हेतु 4361 ई पास जारी हो चुके है। अभी लगातार ई पास बनाए जा रहे है। चारों धामों में आज अपराह्न तक 1267 तीर्थ यात्री पहुंचे जिसमें से आज श्री बदरीनाथ धाम 368 तथा श्री केदारनाथ धाम 536 तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किये जबकि श्री गंगोत्री में 275 तथा यमुनोत्री धाम में 88 तीर्थ यात्रियों ने दिन तक दर्शन किये। जबकि कल तक कुल 1273 तीर्थयात्री चारधाम दर्शन कर चुके है। इस प्रकार अभी तक 2500 से अधिक तीर्थयात्री चारधाम के दर्शन कर चुके है। चारों धामों में कोरोना बचाव मानकों का पालन करते हुए निरंतर पूजा अर्चना के साथ तीर्थ यात्री निर्धारित दूरी से दर्शन कर रहे है।। मानक प्रचालन प्रक्रिया ( एसओपी ) के मुताबिक कोरोना बचाव मानकों एवं छ: फीट की सामाजिक दूरी का पालन करते हुए श्रद्धालु चार धामों में दर्शन कर रहे है। न्यायालय से प्राप्त निर्दशों / सरकार द्वारा जारी एसओपी के क्रम में श्रद्धालुओं को सभी निर्धारित मानकों का पालन करवाया जा रहा है। देवस्थानमों / मंदिरों के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है। ई पास, कोरोना रिपोर्ट, वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट, स्मार्टसिटी रजिस्ट्रेशन की जांच के बाद एक समय में तीन तीर्थ यात्रियों को मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। दर्शन पंक्तियों में तीर्थयात्रियों को सामाजिक दूरी को बनाए रखने हेतु निर्धारित वृत्त बनाए गये है। उत्तरकाशी जिले के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार श्री गंगोत्री धाम एव़ श्री यमुनोत्री धाम में तीर्थयात्रियों के आने का क्रम जारी है सभी यात्रा ब्यवस्थाओं को दुरस्त किया गया है। देवस्थानम् बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी .डी. सिंह ने जानकारी दी कि देवस्थानों में आवास, खान-पान, चिकित्सा-स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता पर भी फोकस किया जा रहा है। तीर्थयात्रियों तथा देवस्थानम् बोर्ड कर्मचारियों द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।

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देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि चार धाम के अलावा द्वितीय केदार रूद्रनाथ, तृतीय केदार तुंगनाथ, चतुर्थ केदार रूद्रनाथ एवं पंच बदरी योग बदरी पांडुकेश्वर, ध्यान बदरी उर्गम, भविष्य बदरी सुभाई( जोशीमठ)वृद्ध बदरी अणीमठ सहित देवस्थानम बोर्ड के अधीनस्थ मंदिरों में भी तीर्थ यात्री पहुंचे है। गोविंद घाट गुरु द्वारा से सरदार सेवा सिंह ने देवस्थानम बोर्ड को बताया कि पवित्र गुरूद्वारा हेमकुंड साहिब/ लोकपाल तीर्थ हेतु में आज 72 श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचे। पोर्टल प्रभारी संजय चमोली के मुताबिक देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट से ई- पास बहुत आसानी से बन रहे है। उल्लेखनीय है कि नवंबर माह के मध्य तक चारों धामों के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जाते है। इस बार चारधाम यात्रा कोरोना संकट के चलते समय पर शुरू नहीं हो पायी थी हालांकि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा शुरू करने हेतु अपना पक्ष उच्च न्यायालय के समक्ष रखा। इस बीच चारों धामों में चारधाम यात्रा शुरू करने हेतु धरने प्रदर्शन होने लगे थे अब चारधाम यात्रा शुरू हो गयी है अत: सभी ने धरना, प्रदर्शन आंदोलन को समाप्त कर दिया है।