उत्तराखंड: 15 साल की अनुश्री को सैल्यूट, 4 साल की बच्ची को संदिग्ध बाबा के चंगुल से छुड़ाया

15 साल की अनुश्री जिसने अपनी सूझबूझ से एक चार साल की बच्ची को एक संदिग्ध बाबा के चंगुल से मुक्त कराया
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Udham singh nagar anushri: Udham singh nagar anushri saved a girl from baba
Image: Udham singh nagar anushri saved a girl from baba

उधमसिंह नगर: एक वक्त था जब पहाड़ में संघर्ष तो था, लेकिन असुरक्षा नहीं थी. उन्हें सड़कों पर अकेले आने-जाने से कभी डर नहीं लगा. घरों में ताले भी नहीं लगते थे. पर अब वक्त बदल गया है. पहाड़ की मासूम बेटियों पर दरिंदों की बुरी नजर है. लेकिन वहीं इसके विपरीत पहाड़ के शेरदिल बच्चे अपनी हिम्मत और जुझारूपन के लिए भी जाने जाते हैं. यही हिम्मत इन बच्चों को हर खतरे पर जीत हासिल करने का हौसला देती है. साहस और निडरता की ऐसी ही शानदार मिसाल है. उधम सिंह नगर के काशीपुर की रहने वाली 15 साल की अनुश्री जिसने अपनी सूझबूझ से एक चार साल की बच्ची को एक संदिग्ध बाबा के चंगुल से मुक्त कराया वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनकी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं आया है. अगर आगे कोई जानकारी आती है तो कार्रवाई की जाएगी.चलिए आपको पूरे मामले से अवगत करवाते हैं. आगे पढ़िए

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जानकारी के मुताबिक सोमवार की दोपहर खड़कपुर देवीपुरा निवासी गौरव कुमार की बेटी अनुश्री स्कूल से छुट्टी होने के बाद वापस घर लौट रही थी. बाजपुर रोड पर उसने चार साल की बच्ची को एक संदिग्ध बाबा के पास बैठे देखा इस उसे कुछ संदेह हुआ लेकिन वो वहाँ से थोड़ा आगे निकल गयी. लेकिन कुछ आगे जाते ही उसे एक महिला बदहवास हालत में रोते हुए सड़क पर जाती दिखी और उस महिला ने अनुश्री से अपनी चार साल की बच्ची के बारे में पूछा क्यों की वो कही खो गयी थी और काफी देर से महिला अपनी बच्ची को ढूंढ रही थी. ये सब सुनकर अनुश्री अपना स्कूल बैग महिला को थमाकर पीछे की ओर दौड़ पड़ी और बुजुर्ग के साथ बैठी बच्ची का हाथ पकड़ लिया. इस दौरान बाबा घबरा गया और बच्ची का हाथ छोड़कर चलते टैंपों में सवार हो गया और मोके से फरार हो गया. अनुश्री ने बताया कि उसने टैंपो की पहचान करने की कोशिश की तो उसकी नंबर प्लेट नहीं थी. इसी बीच बच्ची की मां भी मौके पर पहुंच गई. मां को देखते ही बच्ची उससे लिपट गई जिसके बाद महिला अपनी बच्ची को लेकर घर अपने घर चली गयी इसी दौरान वहां पहुंचे लोगों ने अनुश्री के इस साहस की सराहना की वहीं अनुश्री के पिता गौरव ने बताया कि उनकी बेटी बहुत साहसी है. वह आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती है.