बदरीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर, 6 घंटे बाद खुला हाईवे

बदरीनाथ हाईवे-7 सैलंग और जोशीमठ के बीच झड़कूला के पास भूस्खलन से बाधित हो गया था। जिससे यात्री घंटों परेशान रहे। रास्ते को खोलने में छह घंटे का वक्त लगा।
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
Badrinath highway open: Badrinath highway open for travel
Image: Badrinath highway open for travel

चमोली: प्रदेश में लगातार जारी बारिश से आपदा जैसे हालात बने हुए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में अभी भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। नेशनल हाईवे से लेकर मोटर मार्ग तक बाधित हैं, जिस वजह से सफर मुश्किल बना हुआ है। जरा सी बारिश होते ही पहाड़ टूटकर सड़कों पर गिर जाते हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। बीते दिन भारी बारिश से चमोली में बदरीनाथ हाईवे-7 सैलंग और जोशीमठ के बीच झड़कूला के पास भूस्खलन से बाधित हो गया था। रोड पर घंटों तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। जाम में फंसे यात्री परेशान रहे। एनएच विभाग की टीम करीब छह घंटे तक मशक्कत में जुटी रही, तब कहीं जाकर रास्ते को खोला जा सका। बदरीनाथ हाईवे के बाधित होने से स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर विद्यालय जा रहे थे।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: करोड़ों की लागत से चमकेंगी 10 जिलों की 28 सड़कें, CM ने दी वित्तीय स्वीकृति
राहगीरों के वाहन सड़क के दोनों ओर फंसे हुए थे। एनएच विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद कहीं जाकर रास्ता खुलवाया। रोड खुलने के बाद सड़क के दोनों और फंसे वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। भारी बारिश के चलते चमोली जिले में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाले 21 लिंक मोटरमार्ग बाधित चल रहे हैं। कुल 217 में से 196 मोटरमार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए अब तक सुचारू कर दिया गया है। बदरीनाथ में बारिश के बाद शुक्रवार तड़के ऊंची चोटियों पर बर्फबारी भी हुई है। यहां नीलकंठ, उर्वशी, नर-नारायण और माणा पर्वत चोटियों पर बर्फबारी हुई। मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल बारिश से राहत नहीं मिलेगी। आज राज्य के कुछ जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है।