अगर आप हल्द्वानी स्थित आरटीओ दफ्तर से पक्का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना चाहते हैं तो आपको गाड़ी चलाकर दिखानी होगी, और भी कई टेस्ट पास करने होंगे
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Komal Negi
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Tough test for driving license in uttarakhand
हल्द्वानी: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने जा रहे हैं, तो ये खबर आपके काम की है। वो जमाना चला गया, जब बिना ड्राइविंग सीखे ही लोगों का डीएल बन जाता था। लोग जैसे-तैसे जुगाड़ लगवा कर ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया करते थे। अब अगर आप हल्द्वानी स्थित आरटीओ दफ्तर से पक्का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना चाहते हैं तो आपको गाड़ी चलाकर दिखानी होगी, और भी कई टेस्ट पास करने होंगे, तब कहीं जाकर आरटीओ दफ्तर से पक्का ड्राइविंग लाइसेंस जारी होगा। अभी तक आरटीओ दफ्तर में पक्का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों का सिमुलेटर में टेस्ट लिया जाता है। लेकिन सड़क सुरक्षा और लाइसेंस की गंभीरता बढ़ाने के लिए आरटीओ परिसर में टेस्ट ट्रैक बनाया गया है। लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस धारक 6 महीने बाद पक्का लाइसेंस बनवाने के लिए आएगा तो उसे सिमुलेटर के साथ ही खुद की कार आरटीओ परिसर में चलाकर दिखानी होगी।
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इसके अलावा कई स्किल्स भी देखे जाएंगे। जैसे पहले गियर में गाड़ी उठाने की स्किल देखी जाएगी। क्लच, ब्रेक, एक्सीलेटर का प्रयोग कैसे करते हैं, ये चेक किया जाएगा। स्टीयरिंग व्हील पकड़ने का तरीका, साइन बोर्ड का पालन, टेस्टिंग ट्रैक पर गाड़ी पार्क करना और गाड़ी बैक करने जैसे स्किल भी देखे जाएंगे। आरटीओ राजीव मेहरा का कहना है कि अभी गौलापार में प्रस्तावित ड्राइविंग स्कूल बनने में समय है। तब तक कार्यालय परिसर में बने टेस्टिंग ट्रैक पर ही पक्के डीएल के आवेदक की स्किल्स परखी जाएंगी। अगर टेस्ट में कोई फेल हो गया तो दोबारा मौका दिया जाएगा। सड़क हादसों को कम करने और ड्राइविंग लाइसेंस की गंभीरता को देखते हुए यह नया प्रयोग किया गया है।