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पिथौरागढ़: प्राइवेट स्कूलों की महंगी फीस को देखते हुए सरकारी स्कूल अभिभावकों की पहली चॉइस बनती जा रही है।अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल कर रहे हैं। इस शिक्षा सत्र में जिले के सरकारी स्कूलों में दो हजार नए बच्चों ने प्रवेश लिया है।अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले काफी बेहतर है और सरकारी स्कूलों की फीस भी कम है जो कि उनकी जेब को भारी नहीं पड़ते हैं। प्राइवेट स्कूलों में फीस अधिक होने के कारण उनमें बच्चों को पढ़ाना आसान नहीं है। बात करें पिथौरागढ़ की तो यहां भी अभिवावकों का रुझान सरकारी स्कूलों की तरफ बढ़ रहा है।पिछले कई सालों से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या घट रही थी। मगर कोरोना काल में बेरोजगारी बढ़ने से कई अभिभावकों ने सरकारी स्कूलों पर शिफ्ट किया है। सीमांत जनपद के सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का रुझान बढ़ा है।