उत्तराखंड अचानक सरकारी स्कूल में पहुंचे DM, बच्चों को पढ़ाने लगे गणित

जब उत्तरकाशी के डीएम ने ली शिक्षक की जगह, कॉलेज पहुंच कर बच्चों को पढ़ाने लगे गणित-
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Image: uttarkashi dm Mayur dixit teaches maths in school

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी के डीएम मयूर दीक्षित.... जिले की स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुविधाओं से लेकर शिक्षा प्रणाली तक हर चीज पर उनका फोकस रहता है। वे आए दिन आम जनता से भी बातचीत करते नजर आते हैं। हाल ही में बीते शुक्रवार को वे अचानक ही राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में व्यवस्थाओं के निरीक्षण के लिए पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने स्कूल की छात्राओं से मुलाकात की और खुद छात्राओं को गणित पढ़ाने लगे। जी हां, डीएम मयूर दीक्षित को गणित पढ़ाते देख छात्राओं के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। इस दौरान मयूर दीक्षित ने छात्राओं को गणित से संबंधित जरूरी टिप्स भी दिए और उन्होंने छात्राओं से गणित के सवाल भी हल करवाए। उत्तरकाशी जिले की कमान संभालते ही जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिले के विकास की ओर कई जरूरी काम किए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं से लेकर स्कूलों एवं कॉलेज की शिक्षा व्यवस्था तक सभी चीजों का ध्यान रखा है। उनका मानना है कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनकी पढ़ाई में कोई भी कमी नहीं होनी चाहिए। जिला अधिकारी का कहना है कि कोरोना के कारण शिक्षा में जो अंतर आया है हमारी कोशिश है कि उस अंतर की भरपाई की जाए। जिलाधिकारी को शिक्षक की भूमिका में देख बच्चे भी काफी खुश नजर आए।

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बीते शुक्रवार को डीएम राज्य के बालिका इंटर कॉलेज में व्यवस्थाओं के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे और निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षिका की जगह खुद ही छात्राओं को गणित पढ़ाना शुरू कर दिया और इसके बाद उन्होंने छात्राओं से बातचीत भी की। इसी के साथ उन्होंने छात्राओं से सवाल भी पूछे। गणित की शिक्षिका की जगह खुद डीएम छात्राओं को पढ़ाने लगे जिसके बाद छात्राओं के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि कोरोनाकाल के दो वर्ष के बाद छात्र-छात्राओं की शिक्षा में एक लंबा अंतर आया है. उस अंतर और छात्राओं को किस प्रकार दोबारा अच्छी शिक्षा के लिए तैयार किया जा सकता है, इसका खाका तैयार किया गया है।