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पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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देहरादून: हाल ही में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड में रोजगार को लेकर कई सवाल उठाए। ऐसे में उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयान का करारा जवाब दिया है। उन्होंने साफ साफ शब्दों में सोशल मीडिया पर इस बात को लिखा है कि उत्तराखंड में अभी 2000 एलटी शिक्षकों और प्रवक्ताओं की भर्ती होनी है। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा विभाग में हुई भर्तियों का आंकड़ा भी जनता के सामने रखा। उन्होंने लिखा है कि "प्रदेश के एक कांग्रेसी नेता, आम जनमानस के उन्नयन के लिए किये गए कार्यों और युवाओं को दिए गए रोजगार के विषय में भाजपा सरकार पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहे हैं जो अत्यंत आश्चर्यजनक है। उन महानुभाव को बताना चाहता हूँ कि यदि मैं शिक्षा विभाग की ही बात करूं तो शिक्षा विभाग ने लगभग 10000 लोगों को रोजगार दिया है। जिसके आंकड़े निम्नवत हैं। प्राथमिक शिक्षा में 1881 पदों पर नियुक्तियां दे दी गयी है तथा 2648 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। माध्यमिक शिक्षा में सहायक अध्यापक एलटी के पदों पर 1818 पदों पर तैनाती दे दी गयी है तथा 1431 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। प्रवक्ता पद पर 1414 पदों पर तैनाती दे दी गयी है तथा 571 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। साथ ही गेस्ट टीचरों के 4410 पदों पर तैनाती दे दी गयी है। इन आंकड़ों से प्रदेश की जनता के लिए आपका भ्रामक वक्तव्य धूमिल होता है। साथ ही आपको एक सुझाव देना चाहता हूँ कि आप, सन्यास लेने की बात करने बजाय अपने सूचनाओं के स्रोत, सही और मजबूत करें।" साफ है कि उत्तराखंड में अभी करीब 2000 पदों पर 80 शिक्षकों और प्रवक्ताओं की भर्ती होनी है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे द्वारा स्पष्ट शब्दों में यह बयान दे दिया गया है।
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