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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पौड़ी गढ़वाल: राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी इगास लोकपर्व (anil baluni nakot Igaas) के अवसर पर अपने पैतृक गांव नकोट पहुंचे जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाकर उनका स्वागत किया गया। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि वह विगत कुछ सालों से सभी लोगो को आग्रह कर रहे है कि हम अपनी परंपरा को कायम रखने के लिए हर साल इगास लोकपर्व को अपने पैतृक गांव में मनाए और वह स्वयं भी अपने पैतृक गांव नकोट पहुंचे है जिससे आने वाले समय में इगास मनाने को लेकर मजबूती मिलेगी। कहा की इगास को अपने गांव में मनाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि जिस तरह से लोग अपने गाँव को छोड़कर शहरों में बस गए है इगास के दिन वह अपने गांव आकर अन्य लोगो के साथ इसे मनाए ताकि हमारी जो परंपरा है उसकी जानकरी भी आने वाली पीढ़ी को मिल सके और जो प्रेम व लगाव अपने गाँव के लिए है वह बरकरार रह सके। आगे देखिए वीडियो