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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चमोली: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. गुलदार से लेकर जंगली भालू तक हर कोई इस समय खतरे का सबब बना हुआ है. राज्य के अधिकांश पहाड़ी इलाकों में लोग घर से बाहर अकेले जाने से डर रहे हैं और काम करने से भी कतराने लगे हैं. कारण है जंगली जानवरों का भय. हिंसात्मक रूप धर चुके जंगली जानवर आखिर किस हद तक लोगों के लिए खतरनाक हो सकते हैं यह चमोली (Chamoli Mokh Malla Village Asha Devi Bear) के घाट इलाके में साफ तौर पर देखा जा सकता है. बता दें कि चमोली जिले के घाट इलाके में बीते सोमवार को जंगल में घास लेने गई मोख मल्ला गांव की एक वृद्ध महिला को भालू ने जानलेवा हमला करके महिला को मौत के घाट उतार दिया. दिन दहाड़े महिला पर भालू के हमले से जहां पूरे गांव में दहशत का माहौल है वहीं महिला की मौत से दुखी एवं आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरे लगाने की मांग की है. इसी के साथ प्रशासन और वन विभाग की टीम भी सूचना मिलते ही वहां पहुंची और घटना का जायजा लिया.